फोटो : फाइल फोटो
जयपुर, 22 मई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
राजस्थान में सरकार को 31 जुलाई 2026 तक निकाय और पंचायती राज के चुनाव करवाने होंगे । राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर की गई समय सीमा विस्तार की प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए ये निर्देश दिया है।
दरअसल, पहले के कोर्ट आदेश के अनुसार राज्य सरकार को हर हाल में 15 अप्रैल 2026 तक ही ये स्थानीय चुनाव कराने की कड़े निर्देश दिए गए थे। जब समय सीमा पूरी ओ गई और चुनाव नही करवाए गए तो सरकार ने कोर्ट का रुख किया ।
राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि जमीनी स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के न्यायसंगत आरक्षण की स्थिति और वार्डों के नए परिसीमन का काम अभी प्रक्रियाधीन है। ऐसे में बिना मुकम्मल तैयारियों के चुनाव कराना विसंगतियों को जन्म दे सकता है।
बहस के बाद सुरक्षित हुआ था फैसला: -
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी पक्षों, याचिकाकर्ताओं और सरकारी वकीलों की दलीलों को बेहद विस्तार से सुनने के बाद पिछले 11 मई 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सार्वजनिक कर सरकार को एक बड़ी प्रशासनिक राहत दे दी गई है।
ओबीसी आयोग को भी निर्देश :-
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग स्थानीय निकायों और पंचायतों में ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी, उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पिछड़ेपन का 'इम्पिरिकल डेटा' (Empirical Data) तैयार कर हर हाल में 20 जून 2026 तक अपनी रिपोर्ट सबमिट करे।
आरक्षण का नया फॉर्मूला:-
इस रिपोर्ट के आधार पर ही भजनलाल सरकार तय करेगी कि किस पंचायत समिति, जिला परिषद या नगर निगम में ओबीसी वर्ग के लिए कितनी सीटें आरक्षित की जानी हैं। सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' के नियमों की पालना के लिए यह रिपोर्ट बेहद अनिवार्य है।
खबरों के लिए सिर्फ हिंदुस्तान डिजिटल न्यूज़, व्हाट्स ऐप्प No. 9358447558
Leave a Comment