फोटो : फाइल फोटो
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि आज लोकतंत्र के इतिहास में ये काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
डिंपल यादव ने कहा कि पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे। कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। बच्चों को करंट दिया। जहां नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है, ये आघात भारत माता के सीने पर किया है।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले...इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।
जंतर-मंतर से हटाया :-
उधर, पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। इस दौरान पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज भी किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए संवेदनशील नहीं है। अगर आपको परीक्षा करानी नहीं आती है तो आप यह जिम्मेदारी किसी और को दीजिए। आज छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ तो यह लोकतंत्र पर हमला है।
खरगे ने आरोप लगाया कि चंदा चोरी भी हमारा मुद्दा है। करोड़ों रुपए की लूट हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
जे.पी. नड्डा से सीजेपी प्रवक्ता ने की मुलाकात :-
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने ट्वीट कर बताया कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है। बैठक अच्छे माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कहा कि हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए... दूसरी, हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; उन्हें या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस्तीफा दें। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। तीसरी, हमारी मांग है कि NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनमें से 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत हो चुकी है। हम इन्हीं मांगों को लेकर जेपी नड्डा से मिले।
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