फोटो : फाइल फोटो
नई दिल्ली , 29 जुलाई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' बुधवार को ध्वनि मत से पास हो गया। बिल पर मंगलवार को 9 घंटे चर्चा हुई। बुधवार को विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी बिल पर 50 मिनट बोले। विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पास हो गया ।
बिल में पेपर लीक से जुड़े कानून सख्त कर किए गए हैं। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
राहुल गांधी पर तंज :-
इससे पहले लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि 21 जुलाई को विपक्ष के नेता शायद किसी खास सोच के कारण प्रधानमंत्री के आवास, 7 LKM के बाहर जाकर बैठ गए। ऐसा लग रहा था कि उनकी गहरी इच्छा थी कि देश उन्हें चुने और 7 LKM में बिठाए। जब यह इच्छा पूरी नहीं हुई, तो वे निराश और हताश हो गए और 7 LKM के गेट पर जाकर बैठ गए। जब उन्हें बहुत विनम्रता से यह समझाने की कोशिश की गई कि ऐसा व्यवहार उनके कद के अनुरूप नहीं है, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें बस वहां से हटा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जब इतने अहम बिल पर चर्चा हो रही हो, तो सुझाव देने के बजाय इस पर राजनीति की जा रही है। विपक्ष के नेता ने जिस असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, वह हैरान करने वाली है; मुझे हैरानी होती है कि क्या उन्हें संसदीय कामकाज के बुनियादी नियमों की भी जानकारी है... इस देश के युवाओं को—जो देश का भविष्य हैं—'मूर्ख' कहने से ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है?
भाजपा की सांठगांठ :-
SP सांसद डिंपल यादव ने कहा कि ये संशोधन बिल है जो 2024 में ये बिल पहले से ही पास हो चुका है और इसमें 101 सिफारिश थी 2024 में पास होने के बाद भी जहां लगातार पेपर लीक हो रहे हैं तो कही न कही सिस्टम ही भाजपा ने जो बैठाया हुआ है और भाजपा के सांठगांठ से बैठा हुआ है पूरा ध्वस्त हो चुका है ये सिस्टम में भ्रष्टाचार होने की अनुमति दे रहे हैं और जड़े अंदर तक फैल चुकी हैं और मुझे नहीं लगता कि इस तरह का कोई भी संशोधन लाकर कोई फर्क पड़ने वाला है क्योंकि भाजपा की जो सरकार है इनकी नीयत और नीति दोनों साफ नहीं है और इसका खामियाजा हमारा युवा भुगत रहा है।
गृह मंत्री को कांपते हुए देखा:-
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आज मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि इस देश के तथाकथित गृह मंत्री में यहां आकर बैठने की हिम्मत नहीं है। मैंने उनका काफिला देखा और गृह मंत्री को कार के अंदर बैठे, कांपते हुए देखा। गृह मंत्री आज यहां क्यों नहीं हैं? क्योंकि वह डरे हुए हैं। गृह मंत्री डरे हुए हैं, उन्होंने ही हमारे छात्रों पर गोली चलाने की इजाज़त दी थी। उन्होंने हमारे छात्रों के शरीर में छर्रे (पेलेट्स) घुसवाए, उन्होंने ही भारत के छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
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