फोटो : फाइल फोटो
जयपुर, 13 अगस्त 2026
रिपोर्ट : एडिटर
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले राजस्थान की भजनलाल सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों लिए है। इसमें आमजन और कर्मचारियों से जुड़े फैसलों के साथ ही कई अहम फैसले शामिल है ।
कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) और ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी दे दी है। यह दोनों विधेयक 20 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में रखे जाएंगे।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा, "हमारा मूल मकसद 'एक प्रदेश, एक कानून' की भावना को धरातल पर उतारना और हर वर्ग को समान अधिकार देना है।"
प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारियों को प्रमोशन के लिए आवश्यक सेवा में 2 साल की छूट देने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस छूट की घोषणा सरकार ने बजट में की थी, लेकिन कैबिनेट से अनुमोदन नहीं होने के चलते नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पा रहा था।
अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद पिछले 3 साल में इस छूट का लाभ नहीं लेने वाले सभी कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। ऐसे कर्मचारियों को तय अनुभव में 2 साल की छूट मिल सकेगी।
विवाह-तलाक का रजिस्ट्रेशन आवश्यक :-
कैबिनेट ने 'समान नागरिक संहिता' (UCC) के मसौदे को हरी झंडी दे दी है। इस कानून में तलाक, उत्तराधिकार, भरण पोषण, लिव-इन रिलेशनशिप व्यवस्था को व्यस्थित बनाना है। इस एक्ट से आदिवासी और जनजाति क्षेत्र के रीति रिवाजों को बाहर रखा गया है।
कानून के तहत विवाह का रजिस्ट्रेशन 60 दिन में कराना अनिवार्य होगा। लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत और समाप्ति की जानकारी देनी होगी। तलाक का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 10 हजार का जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
बहुविवाह पर रोक :-
प्रदेश में यूसीसी कानून बनने के बाद बहुविवाह (एक से ज्यादा शादी) पूर्ण प्रतिबंधित होगी। पुर्नविवाह करने में पूरी छूट रहेगी। पहले कई समुदायों में पुर्नविवाह प्रतिबंधित था। उत्तराधिकार के तहत सभी धर्मों में अब पुत्र-पुत्रियों को समान अधिकार मिलेगा।
पहले कई कानूनों में पुत्र को ज्यादा संपत्ति का प्रावधान था। पहले पिता के सामने बेटे की मृत्यु होने पर पोते को संपत्ति का अधिकार नहीं था, लेकिन यूसीसी में अब पोते को भी संपत्ति में पूरा अधिकार दिया गया है।
राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट:-
राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी और रोहिड़ा समेत कुल 29 बहुमूल्य और कल्पवृक्ष श्रेणी के पेड़ों को बचाने के लिए 'राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट' को मंजूरी दी गई है। संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बनाए गए इस कानून में सख्त प्रावधान हैं। इस विधेयक के अंतर्गत राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी सहित कुल 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संवर्धन एवं संरक्षण को विशेष बढ़ावा मिलेगा।
पेड़ काटने पर भारी जुर्माना और जेल:-
बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के प्रतिबंधित पेड़ काटने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना और 1 साल की जेल की सजा होगी। यह नियम 500 वर्ग मीटर से बड़ी व्यक्तिगत संपत्तियों पर भी लागू होगा।
शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति:-
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 31 अक्टूबर 1972 तक के उन 35 शहीद सैनिकों के आश्रित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जो दशकों से इस अधिकार से वंचित थे।
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