सीजेपी के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को लेकर कोर्ट का बड़ा आदेश : सुप्रीम कोर्ट ने विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी सभी FIR रद्द की, सीजेपी ने 5 तारीख का मार्च वापस लिया

फोटो  : फाइल फोटो 

नई दिल्ली , 01 सितंबर 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में जुलाई मे कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है ।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीजेपी ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च का फैसला वापस ले लिया है । संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार के आश्वासन और कोर्ट के फैसले के बाद यह फैसला लिया गया है।

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस को फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से शक हुआ था कि विरोध वाली जगह पर लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधी मौजूद थे। हमने सरकार के साथ बातचीत में तर्क दिया कि अगर ये 2,800 कुख्यात अपराधी सच में वहां मौजूद थे, तो पहला सवाल यह है कि वे समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे। दूसरी बात, अगर उन्होंने विरोध वाली जगह पर कोई गंभीर अपराध किया है, जैसे रेप, हत्या या कोई और गंभीर अपराध, तो उन पर मुकदमा चलना चाहिए, जांच होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली में पहचाने गए लगभग 2,800 कुख्यात अपराधियों की जांच के लिए एक अलग, नई FIR दर्ज की जाए। वह मामला अब सुलझ गया है

हमने सरकार से आग्रह किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने कहे कि सम्मानजनक राशि का मुआवज़ा 90 दिनों के भीतर दिया जाएगा। यह पैसा सीधे परिवारों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को यह भरोसा दिलाया और कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अपने आदेश में शामिल करके इसे कानूनी मान्यता दी।

अपराधियों को राहत नहीं :-

कोर्ट ने साफ किया कि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का फायदा नहीं मिलेगा। यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज मामलों पर लागू होगा।

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