वीडियो अपडेट : जिले में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : जिले के बालेश्वर कंजर्वेशन रिजर्व की अधिसूचना हुई जारी, अब आबादी की तरफ रुख नहीं करेंगे लेपर्ड

फोटो :फाइल फोटो

नीमकाथाना , 09 सितंबर
रिपोर्ट  :  किशोर सिंह लोचिब

नीमकाथाना जिले के पर्यटकों के लिए बड़ी खबर है । जिले के बालेश्वर में नया कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित हुआ । इसकी वन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी  है। इस कंजर्वेशन रिजर्व में नीमकाथाना व पाटन तहसील के आरक्षित वन खंड को शामिल किया हैं।

बता दे कि गहलोत सरकार ने बजट में नीमकाथाना के बालेश्वर को लेपर्ड के लिए कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया था । अब इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद इस क्षेत्र में विकास कार्यो को बढ़ावा मिलेगा

वन विभाग ने क्षेत्र में गांवडी, गाडराटा, डोकन व पाटन की वन भूमि को शामिल किया गया है। विभाग ने इसे बालेश्वर संरक्षण आरक्षिति का नाम दिया है। इसकी उत्तरी सीमा वनखंड डोकन की उत्तरी सीमा रहेगी। दक्षिणी सीमा वनखंड गांवडी की दक्षिणी सीमा रहेगी। पूर्वी सीमा वनखंड गाडराटा की पूर्वी सीमा रहेगी और पश्चिमी सीमा वनखंड गांवडी के ग्राम गणेश्वर की पश्चिमी सीमा रहेगी। बालेश्वर संरक्षण आरक्षिति क्षेत्र में नीमकाथाना के गांवडी वनखंड की 11778.25 हेक्टेयर भूमि एवं डोकन वनखंड की 730.60 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है।

पाटन के गांवडी वन खंड 1523.5 हेक्टेयर, डोकन की 4550.40 हेक्टेयर, पाटन की 825 हेक्टेयर एवं गाडराटा की 2761.75 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने स्थानीय समुदायों के साथ परामर्श के बाद प्राणी जातीय, वनस्पति भू संरचना सबंधी, नैसर्गिक व प्राणी शास्त्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए संरक्षण आरक्षिति घोषित किया है।

बता दे कि क्षेत्र को रिजर्व क्षेत्र घोषित करने की मांग लम्बे समय से की जा रही थी ।  2017 में प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। जिसके बाद गहलोत सरकार ने क्षेत्र के महत्व को देखते हए बजट में इसकी सौगात दी । घोषणा के बाद से ही बालेश्वर में वन विभाग लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व के रूप में विकसित करने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहा है।

नीमकाथाना में 24435.70 हैक्टेयर व पाटन में 13268 हैक्टेयर में वन क्षेत्र फैला है। पैंथर रिजर्व के लिए आवश्यक जगह व प्राकृतिक वातावरण इस क्षेत्र में है। वन्य जीवों को यहां का वातावरण रास भी आ रहा है। इसी का नतीजा है कि पैंथर के अलावा इस वन क्षेत्र में अन्य प्रजाति के दुर्लभ वन्य जीव मौजूद हैं।

पर्यटक को मिलेगा बढ़ावा :-

बालेश्वर कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित होने बाद यहाँ पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जिससे यहाँ राजस्व में वृद्धि होगी राजस्व मिलने से यहाँ सुविधाओं में भी वृद्धि होगी । क्षेत्र में दूर दराज से पर्यटक घुमने यहाँ आते है । सम्भावना जताई जा रही है कि  कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित होने के बाद यहाँ पर्यटक बड़ी संख्या में देखने को मिलेंगे

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