फोटो : फाइल फोटो
नीमकाथाना, 28 अप्रेल 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना क्षेत्र के काचरेड़ा गांव में शहीद देशराज सिंह तंवर की पार्थिव देह पहुंचने पर पूरे गांव में शोक और गर्व का माहौल छा गया। शहीद के सम्मान में पाटन से काचरेड़ा तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “देशराज सिंह अमर रहे” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
जानकारी के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर तैनात देशराज सिंह तंवर पेट्रोलिंग के दौरान लैंडस्लाइडिंग की घटना में शहीद हो गए थे। जैसे ही उनके शहीद होने की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार :-
शहीद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद देशराज सिंह तंवर को अंतिम विदाई दी। हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन दिल में देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूत पर गर्व भी साफ दिखाई दे रहा था।
पीछे छोड़ गया मासूम बेटी :-
देशराज सिंह तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई भोजराज सिंह भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं, जबकि उनके दादा भगवान सिंह भी सेना से सेवानिवृत्त रहे हैं। देशराज करीब पांच वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। अपने पीछे वे एक साल की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं।
इस दौरान सीकर सांसद अमराराम, नीमकाथाना से भारतीय जनता पार्टी की नेत्री वीरांगना कविता सामोता सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
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