गैंगस्टर मुख्तियार मलिक हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला : कोर्ट ने 11 आरोपियों को उम्र कैद सजा ,एक को 7 वर्ष के कठोर कारावास से किया दंडित, सभी पर अर्थदंड भी लगाया

फोटो  : फाइल फोटो 

झालावाड, 28 अप्रेल 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

चार साल पहले मछली के ठेके के विवाद में हुए बहुचर्चित भीमसागर डेम दोहरे हत्याकांड में मंगलवार को झालावाड़ एडीजे कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया है। सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

मामले में पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 94 दस्तावेज और 44 गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर एडीजे कोर्ट ने अब्दुल बंटी और वसीम राजा सहित कुल 11 आरोपियों को उम्रकैद तथा कोटा के सुखेत निवासी शफीक को 7 साल की सजा सुनाई है।

अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार गोचर ने बताया कि भोपाल निवासी फ रियादी जुगलकिशोर मीणा ने असनावर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में उसने बताया कि उसका बड़ा भाई कमल किशोर तथा मछली ठेकेदार मुख्तियार मलिक कालीसिंध और भीमसागर डेम पर मछली पकडऩे और चौकीदारी का काम करते थे। दो जून 2022 की रात मुख्तियार मलिक, कमल किशोर और अन्य नाव में बैठकर भीमसागर डेम क्षेत्र में चौकीदारी के लिए गए थे।

की अंधाधुंध फायरिंग:-

देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच कांसखेड़ली गांव के पास नदी में घात लगाए बैठे अब्दुल बंटी, वसीम अहमद ,राजा गुर्जर और अन्य दस-बारह जनों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में कमल किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुख्तियार मलिक गंभीर घायल हो गया। बाद में उसका शव जंगल में बरामद हुआ। पूर्व में मछली के ठेके को लेकर मुख्तियार मलिक और अब्दुल बंटी में झगड़ा हुआ था। दोनों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी।

पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 44 गवाह और 94 दस्तावेज पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

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