वीडियो न्यूज़ : नीमकाथाना में वन्यजीव गणना : देवराठी धाम पर दिखा लेपर्ड का मूमेंट, वन विभाग के कर्मचारी मचान से कर रहे वन्य जीवो की गणना

फोटो  : फाइल फोटो 

नीमकाथाना, 02 मई 2026
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब 

नीमकाथाना में वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीवों की गणना शुरू की गई।  इस बार गणना शुक्रवार शाम 5 बजे से प्रारंभ हुई जो कि जा शनिवार शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे चलेगी। इस दौरान देवराठी धाम क्षेत्र में पैंथर (तेंदुआ) का मूवमेंट भी देखा गया, जिससे क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता की पुष्टि हुई है।

एसीएफ अनीता, एसीएफ श्रवण बाजिया एवं रेंजर जोगिंदर सिंह ने वन क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने विभिन्न वाटर पॉइंट्स का निरीक्षण कर वहां की स्थिति का मूल्यांकन किया। वन विभाग के अनुसार नीमकाथाना वन क्षेत्र में 12 वाटर पॉइंट तथा पाटन क्षेत्र में 10 वाटर पॉइंट बनाए गए हैं। दोनों ही क्षेत्रों में 20-20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिससे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रत्येक वाटर पॉइंट पर दो-दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे निगरानी में जुटे हुए हैं।

गणना के दौरान सियार, मोर, जरख (हाइना), नीलगाय सहित कई वन्यजीव प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाती है।

पेड़ो पर बनाई मचान :-
कर्मचारी जंगलों में पेड़ पर मचान बनाकर और तिबारे की छत व वाटर प्वाइंटों पर वन्यजीवों की गिनती करते रहे। वनक्षेत्र में चार जगह बालेश्वर 10 हैक्टेयर, अधरशीला, देवराठी धाम और भीतरली गांवड़ी में पेड़ पर बनाए गए मचानों पर कर्मचारी बैठक कर वन्यजीवों की निगरानी की जा रही है।

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रेंजर जोगिंदर सिंह ने बताया कि वन्यजीवों की गणना शुरू हो चुकी है जो शनिवार शाम 5:00 बजे तक चलेगी । निरीक्षण के दौरान देवर की धाम पर पैंथर का मूवमेंट देखा गया है। इसके साथ वहां पर रेप कैमरा भी लगाया गया है । गणना पूरी होने के बाद कैमरे को भी चेक किया जाएगा कि यह की ट्रैप कमरे में पैंथर का मूवमेंट कैद हुआ है कि नहीं । अभी पद चिन्ह के आधार पर पुष्टि की गई है।

एसीएफ अनीता ने बताया कि प्रतिवर्ष वैशाख की पूर्णिमा को वन्य जीवों की गणना विभाग द्वारा करवाई जाती है। इस बार भी वैशाख पूर्णिमा पर वन्यजीवों की गणना की जा रही है। उन्होंने बताया कि वन्य जीवों की गणना का मुख्य उद्देश्य यह है कि हमें वन्यजीवों का एक सही आकलन हो सके जिससे कि उनकी संरक्षण पर और ज्यादा ध्यान दिया जा सके ।
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उन्होंने बताया कि वन्य जीव गणना इस बार वॉटरफॉल पद्धति के द्वारा करवाई जा रही है। जिसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी काम में ली जा रही है । जैसे ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं । जिनकी मदद से वन्य जीव की अच्छी फोटोग्राफ ली जा सके और जीवों की गणना का पता लगाया जा सके।

उन्होंने बताया कि उन्हें गणना के बाद डाटा कलेक्ट करके एक सही गणना का अनुमान लगाया जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि वन्य जीव गणना के दौरान बालेश्वर कंजर्वेशन नीमकाथाना और पाटन दोनों वन क्षेत्र में आता है । नीमकाथाना क्षेत्र में 12 वाटर पॉइंट जबकि पाटन में 10 वाटर पॉइंट बनाए गए हैं। प्रत्येक प्वाइंट पर एक वन विभाग का अनुभवी कर्मचारी है और एक वन मित्र।

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