वीडियो न्यूज़ : सचिन पायलट का बीजेपी नेता पर पलटवार : सीकर में पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने कहा - "मेरा फोकस चिड़िया की आंख की तरह राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने पर है"

फोटो  : फाइल फोटो 

सीकर , 03 मई 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि उनका ध्यान “चिड़िया की आंख” की तरह पूरी तरह कांग्रेस की सरकार बनाने पर फोकस्ड है। उन्होंने कहा कि कौन क्या कहता है, उससे उन्हें कोई फर्क नही पड़ता , बल्कि ध्यान कांग्रेस की सरकार बनाने पर है ।

शनिवार को सचिन पायलट पूर्व पीसीसी चीफ नारायण सिंह के फार्म हाउस पर आयोजित सवामणि कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे। इसके बाद पायलट खाटूश्याम बाबा के दर्शन के लिए खाटू पहुंचे, यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया।

पायलट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनाव के दौरान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को निशाना बनाने को अनुचित बताया। उन्होंने टीवी स्क्रीन पर आकर देश की जनता के सामने कांग्रेस को कोसा। पायलट ने कहा कि लोग अपना नाम अखबार में छपवाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं।

नेताओ का भविष्य मतपेटियों में कैद :-

कल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने की बात पर सचिन पायलट ने कहा कि अब मतदान हो चुका है। पांचों ही राज्य का भविष्य मतपेटियों में कैद है। जिन-जिन राज्य में मैंने जाकर प्रचार किया है, वहां कांग्रेस का गठबंधन मजबूत है और हम वहां सरकार भी बनाएंगे।

3 साल तक नहीं किया नोटिफाई:-

भाजपा ने चलते चुनाव के बीच षड्यंत्र रचा और ड्रामा करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लेकर आएंगे, जिसे विपक्ष ने रोक दिया। हकीकत तो यह है कि आज से 3 साल पहले संविधान में संशोधन करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक लाया गया। संपूर्ण पार्लियामेंट ने उसका सपोर्ट करके पास कर दिया था।

महिला आरक्षण बिल कानून बना हुआ है, लेकिन 3 साल तक उसे नोटिफाई नहीं किया गया। चलते चुनाव में मनमर्जी से जनगणना होने से पहले परिसीमन करने के लिए महिला आरक्षण का बहाना लेकर बिल लाया गया। वह भी यह जानते हुए कि संख्याबल नहीं है।

लेकिन इस देश की महिलाएं भ्रमित होने वाली नहीं है, क्योंकि उनके लिए सोनिया गांधी ने संघर्ष किया है। यूपीए की सरकार के समय हम लोग महिला आरक्षण का बिल लेकर आए उस समय बीजेपी ने राज्यसभा में तो समर्थन किया, लेकिन लोकसभा में उसका विरोध किया। जिसकी वजह से वह बिल पास नहीं हो पाया।

जब 2023 में यह बिल पास हो चुका था तो 3 साल तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आज बोला है कि यह सरकार मौजूदा सांसद, जिसमें 543 सांसद हैं। उनमें से एक तिहाई यदि महिलाओं के लिए आरक्षित करती है तो पूरा विपक्ष और कांग्रेस आज ही तैयार है। लेकिन सरकार ऐसा नहीं करना चाहती, वह तो लोकसभा में सीटें बढ़ाना चाहती है।

छोटे राज्यों के साथ न्याय नहीं होगा :-

परिसीमन के सवाल पर पायलट ने कहा कि दक्षिण और पूर्व के जो छोटे राज्य हैं उनके साथ यह न्याय नहीं होगा। परिसीमन करने से पहले जनगणना तो हो। जनगणना भी इन्होंने लेट शुरू की है। जनगणना होने के बाद एक कमीशन बनेगा, उसके आधार पर ही परिसीमन होगा। लेकिन बीजेपी के द्वारा महिलाओं को न्याय देने का जो बहाना किया गया, उसका पर्दाफाश हो गया। मुझे खेद है कि प्रधानमंत्री ने बीच चुनाव में टेलीविजन पर आकर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट को तोड़ा और कांग्रेस को कोसा।

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