फोटो : फाइल फोटो
झुंझुनू, 13 मई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने एनटीएकी ओर से आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने और रद्द होने पर छात्रों वअभिभावकों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने से लाखों मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
खर्रा ने कहा कि मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच अब सीबीआई के हवाले कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में और भी अपराधी पकड़े जाएंगे।
मंत्री ने झुंझुनूं में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पेपर लीक की सबसे बड़ी मार उन छात्रों पर पड़ी है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की थी। ऐसे विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ है, जिसे सरकार गंभीरता से ले रही है।
कड़ी सुरक्षा में होगी दोबारा परीक्षा:-
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 2 से 3 महीनों में NEET परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा पूरी तरह कड़ी सुरक्षा और चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
कांग्रेस पर हमला :-
खर्रा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर नगर निकायों को आर्थिक रूप से बर्बाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निकायों की खराब स्थिति को सुधारने के लिए अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 'अरबन चैलेंज फंड' के जरिए नई कार्ययोजना पर काम कर रही हैं।
इस योजना के तहत विकास कार्यों के लिए धन की व्यवस्था तीन स्तरों पर होगी। इसमें कुल कार्ययोजना का 25% हिस्सा भारत सरकार देगी। 25% राशि राज्य सरकार वहन करेगी। शेष 50% राशि हुडको (HUDCO) के माध्यम से ऋण के रूप में ली जाएगी।
मंत्री ने विश्वास दिलाया कि इस संबंध में भारत सरकार के साथ दो दौर की उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। उम्मीद है कि अगस्त माह तक इसे अंतिम रूप देकर निकायों में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी।
निकाय चुनाव पर ये बोले :-
राजनीतिक नियुक्तियों और पिछड़ा वर्ग आयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामला वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट में 'सब-जुडिस' (न्यायाधीन) है। न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, सरकार पूरी निष्ठा के साथ उसकी पालना सुनिश्चित करेगी।
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