फोटो : फाइल फोटो
सीकर, 26 मई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
वर्ष 2018 में मनोज ओला पर हुई फायरिंग के मामले में सीकर की SC-ST कोर्ट ने गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा का बेटा सुभाष बानूड़ा और उसके सहयोगी सीताराम सेवदा को बरी कर दिया है। हालांकि आनंदपाल को पुलिस कस्टडी से फरार करवाने के मामले में सुभाष बानूड़ा जेल में ही रहेगा।
इससे पहले मंगलवार को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बलबीर बानूड़ा को सीकर कोर्ट परिसर में लाया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच वापस भेज दिया गया।
आरोपियों के वकील ने बताया कि वर्ष 2018 में मनोज ओला पर हुई फायरिंग के मामले में कोर्ट ने सुभाष बानूड़ा और सीताराम सेवदा को बरी कर दिया है। कोर्ट में पीड़ित पक्ष इनकी पहचान ही नहीं कर पाया। ऐसे में दोनों को बरी कर दिया गया है।
बता दे कि सुभाष बानूड़ा ने अपने साथी रामनिवास, संदीप सैनी, नटवरलाल, चचेरे भाई पवन और सीताराम सेवदा के साथ मिलकर 9 अगस्त 2018 को दुकान पर बैठे हुए राजू ठेहट गैंग के मनोज ओला पर फायरिंग कर दी थी, उसे छह गोलियां लगी थीं।
मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश कर दिया, लेकिन जमानत मिलने के बाद 20 अगस्त 2025 को सुभाष बानूड़ा और 31 अक्टूबर 2025 को सीताराम सेवदा को फरार घोषित कर दिया गया था। क्योंकि दोनों ही केस की तारीखों पर नहीं पहुंच रहे थे।
कोर्ट में किया सरेंडर :-
18 से 20 नवंबर 2025 के बीच मामले में सुभाष बानूड़ा ने सीकर की एससी-एसटी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। वहीं, सीताराम सेवदा को गिरफ्तार कर लिया गया था। सुभाष बानूड़ा का ठेहट मर्डर और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी नाम सामने आया था।
दोनों ही मामलों में उससे पूछताछ हुई, लेकिन उसके खिलाफ कोई भी सबूत पुलिस को नहीं मिला। इसलिए उसे आरोपी नहीं माना गया। जमानत के बाद सुभाष अपने गांव बानूड़ा और जयपुर में रहा था।
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