फोटो : फाइल फोटो
जोधपुर, 27 मई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम बापू को राहत देने से इनकार करते हुए आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है।
जस्टिस अरूण मोंगा व जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने आसाराम समेत तीन आरोपियों की अपीलों पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि निचली अदालत द्वारा दी गई सजा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि अदालत ने उन्हें गैंगरेप की धारा से बरी कर दिया, लेकिन अन्य गंभीर आरोपों में दोषसिद्धि कायम रखी गई है। साथ ही कोर्ट ने आसाराम को तत्काल सरेंडर करने के आदेश दिए हैं।
बता दे कि अगस्त 2013 में जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ रेप केस के आरोप में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद जोधपुर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
अंतरिम जमानत पर बाहर हैं आसाराम :-
आसाराम फिलहाल मेडिकल ग्राउंड पर मिली अंतरिम जमानत के तहत जेल से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने उन्हें स्वास्थ्य कारणों से राहत दी थी, जिसकी अवधि कई बार बढ़ाई जा चुकी थी। लेकिन हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब उन्हें दोबारा सरेंडर करना होगा। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देखते हुए कोर्ट परिसर में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
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