फोटो : फाइल फोटो
नीमकाथाना, 27 मई 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना के निकटवर्ती ग्राम मंढोली में खनन पट्टा 60 की पर्यावरण स्वीकृति को लेकर हुई जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है । बुधवार को मामले को लेकर महापंचायत आयोजित हुई । जिसमे ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि गांव की पहाड़ी पर किसी भी सूरत में खनन नहीं होने दिया जाएगा।
सरपंच विमला देवी ने बताया कि पहाड़ी पर चार से पांच मंदिर स्थित हैं, जिनके खनन से क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। इसके अतिरिक्त, पहाड़ी के आसपास 100 से अधिक मकान बने हुए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
खेतड़ी मोड़ से एसडीएम ऑफिस तक आक्रोश रैली :-
सरपंच प्रतिनिधि मुरारी यादव ने बताया कि ग्रामीणों ने खनन पट्टे के विरोध में गांव-गांव जनसंपर्क और हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है। 29 मई को ग्रामीण खेतड़ी मोड़ से उपखंड कार्यालय तक आक्रोश रैली निकालेंगे। इस दौरान एसडीएम को खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए गांव के सभी मोहल्लों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
ग्रामीण सुरेश शर्मा ने कलेक्टर से अनुरोध करते हुए कहा कि गांव की पहाड़ी को खनन के लिए आवंटित ना करे, नही पूरा गांव बेघर हो जाएगा । उन्होंने कहा कि एक तरह से हत्या हो जाएगी । पूरी बस्ती पहाड़ी में बसी हुई है ।
सुकाइड के लिए तैयार :-
उन्होंने कहा कि एक तरफ से सरकार कहती है कि देश धर्म का नाता है गौ हमारी माता है । कैसी सरकार है ये । इन्होने गौ माता के लिए ही जगह नही छोड़ी । गांव की हत्या हो जाएगी, नहीं हम तो आत्महत्या के लिए भी तैयार है । हम पहाड़ को नष्ट नही होने देंगे ।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियों से धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है, साथ ही धूल, शोर और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण आमजन परेशान हैं। मशीनों के लगातार संचालन से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
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