वीडियो न्यूज़ : भैराणा धाम में संतो का आंदोलन मामला : सांसद हनुमान बेनीवाल का ‘आधी रात’ जयपुर कूच, बीच रास्ते प्रशासन के साथ पांच मांगों पर बनी सहमति

फोटो  : फाइल फोटो 

जयपुर, 28 मई 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

जिले के दुदू में स्थित भैराणा धाम के पास प्रस्तावित रीको इंडस्ट्रियल एरिया को लेकर देर रात बड़ा सियासी और प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। बुधवार को दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों और प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। उसके के बाद हनुमान बेनीवाल संतों और करीब 10 हजार समर्थकों के साथ जयपुर कूच पर निकल पड़े।

देर रात अपने हजारों समर्थकों के साथ जयपुर की तरफ मार्च शुरू करने के बाद प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है। पुलिस ने देर रात मौखमपुरा मोड़ पर भारी बेरिकेडिंग कर काफिले को रोक दिया, जिसके बाद आधी रात को हाईवे पर ही प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षक (IG), जिला कलक्टर और रीको (RIICO) के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई आपातकालीन वार्ता के बाद सरकार ने संतों और जनभावनाओं के आगे झुकते हुए विवादित भूमि पर औद्योगिक विकास के काम को तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया है।

भैराणा में प्रस्तावित रीको इंडस्ट्रियल एरिया को री-डिजाइन किया जाएगा और इसके लिए बनने वाली कमेटी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। यह कमेटी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एक महीने में सरकार को सौंपेगी।

इस समझौते के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे राजस्थान के जवानों, किसानों और सनातन संस्कृति की सामूहिक जीत करार दिया है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार ने 800 बीघा ज़मीन पर RIICO का काम रोक दिया है। स्थगित कर दिया है। डेरी के लिए जो 2 प्लॉट दिए थे उन्हें भी रोक दिया। साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों, IG, कलेक्टर और RIICO के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। समिति 7 दिनों में बैठक करेगी। नदी-नाले, अब्दुल रहमान को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट देगी और RIICO के निरस्तीकरण का काम चालू होगा। आगामी 15-20 दिन में पूरे RIICO के इलाके को निरस्त करा देंगे। करीब-करीब मांगें मान ली गई हैं। ये राजस्थान के जवानों की जीत है।

इन प्रमुख मांगों पर बनी अंतिम सहमति :-

देर रात हुई इस मैराथन बैठक के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्वयं मीडिया के सामने आकर समझौते के मुख्य बिंदुओं को साझा किया। बेनीवाल ने बताया कि जनभावनाओं और संतों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए सरकार और प्रशासन ने उनकी प्रमुख मांगों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप से स्वीकार कर लिया है।

समझौते के तहत निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनी है:

रीको (RIICO) कार्य पर तत्काल रोक:-

सरकार ने भैराणा धाम की लगभग 800 बीघा भूमि पर रीको (RIICO) द्वारा प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के सभी विकास कार्यों और निर्माण गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से रोकते हुए स्थगित कर दिया है।

डेयरी प्लॉट्स का आवंटन निरस्त:-

इस क्षेत्र में डेयरी विकास के नाम पर जो 2 बड़े व्यावसायिक प्लॉट आवंटित किए गए थे, उनके आवंटन और आगामी कार्य पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

उच्च स्तरीय साझा समिति का गठन:-

इस पूरे भूमि विवाद की तकनीकी और कानूनी जांच के लिए एक विशेष उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति में क्षेत्र के प्रमुख साधु-संत, निर्वाचित जनप्रनिधि, क्षेत्र के आईजी (IG), जिला कलेक्टर और रीको के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी शामिल किए गए हैं।

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