फोटो : फाइल फोटो
अजमेर , 28 मई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
अजमेर में पूर्व सरपंच समेत 4 लोगों की मौत मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस वारदात को पूर्व सरपंच की पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे ने अंजाम दिया । पहले खेत में काम आने वाले औजार से चारों की गला काटकर हत्या की थी। बाद में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए साक्ष्यों को नष्ट करने के इरादे से पूरी कार को आग के हवाले कर दिया। घटना बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में गुरुवार सुबह 5:30 बजे की है।
पुलिस की शुरुआती जांच में जिसे एक दर्दनाक सड़क हादसा और कार की तकनीकी खराबी के कारण लगी आग माना जा रहा था, वह वास्तव में एक सोची-समझी हत्या की साजिश निकली।
जली हुई कार बरामद हुई थी :-
दरसल एक सुनसान रास्ते पर पूरी तरह से जली हुई कार बरामद की गई थी। उस कार के भीतर से तीन लोगों के बुरी तरह झुलसे हुए शव मिले थे, जिनकी पहचान पूसी देवी, रामसिंह और महिमा के रूप में की गई थी। इसके अलावा, एक अन्य महिला सुरज्ञान देवी कार के बाहर अत्यधिक अधजली हालत में पड़ी हुई मिली थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पूर्व सरपंच की पहली पत्नी सुनीता (45) को गिरफ्तार किया है। बेटी (19) और बेटा (17) को डिटेन किया है। हत्या को हादसे का रूप देने के लिए स्कॉर्पियो में शव पटककर आग लगा दी। रामसिंह उन्हें टॉर्चर करता था। इससे दुखी होकर उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
एसपी ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पूर्व सरपंच रामसिंह दूसरी शादी करने के बाद पहली पत्नी और बच्चों को प्रताड़ित कर रहा था। रामसिंह शराब पीकर मारपीट करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि रामसिंह चौधरी का पहली पत्नी सुनीता से लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार देर रात को भी उनमें विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर पहली पत्नी सुनिता ने बेटी सरिता व नाबालिग पुत्र ने षड्यंत्रपूर्वक चारों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। बाद में शवों को घर से कुछ दूर स्कॉर्पियो में डालकर आग लगा दी, ताकि पूरे मामले को सड़क हादसा साबित किया जा सके।
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