फोटो : फाइल फोटो
नीमकाथाना, 29 मई 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना के निकटवर्ती ग्राम मंढोली में प्रस्तावित खनन पट्टे के विरोध ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ग्रामीणों ने गुरुवार को राज्यपाल के नाम एसडीएम राजवीर यादव को ज्ञापन सौंपा और खनन के लिए प्रस्तावित चार ब्लॉकों का अलॉटमेंट निरस्त करने की मांग की।
इससे पहले ट्रैक्टर ट्रालियों से ग्रामीण खेतड़ी मोड़ पहुंचे । ग्रामीणों ने खेतड़ी मोड़ से एसडीएम कार्यालय तक पैदल आक्रोश रैली निकाली। नौतपा की कड़ी धूप के बीच महिलाओं ने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। ग्रामीण हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे तथा जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गांव में खनन शुरू किया गया तो खनन कारोबारियों और खनन वाहनों के लिए गांव के रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।
चारागाह भूमि में पट्टे देने का विरोध :-
सरपंच प्रतिनिधि मुरारी यादव ने बताया प्रस्तावित खनन पट्टा ग्राम पंचायत मंढोली की चारागाह भूमि, आबादी क्षेत्र और धार्मिक स्थलों के नजदीक प्रस्तावित किया गया है, जिससे पशुओं के चराई क्षेत्र, ग्रामीणों के मकानों, मंदिरों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि खनन शुरू होने पर धूल, ध्वनि प्रदूषण, कंपन और पर्यावरणीय क्षति बढ़ेगी, जिसका सीधा असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जनजीवन पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खनन के लिए तैयार की गई पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (EIA) रिपोर्ट में गांव की वास्तविक आबादी, चारागाह भूमि, पशुधन और सामूहिक पर्यावरणीय प्रभावों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग:-
ग्रामीणों ने चारागाह भूमि होने के बावजूद ग्राम पंचायत की ओर से जारी एनओसी की निष्पक्ष जांच, पटवारी हल्का मंढोली की भूमि का पुनः सर्वे और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है । साथ ही प्रशासन से खनन पट्टे का अलॉटमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर पर्यावरण और जनहित को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की।
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