फोटो : फाइल फोटो
जयपुर , 29 मई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में कटौती कर दी गई है। शुक्रवार को ही सरकार ने हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में तैनात जयपुर कमिश्नरेट के तीन PSO हटा दिए हैं। अब उनकी सुरक्षा में मुख्य रूप से नागौर जिले के पुलिसकर्मी ही तैनात रहेंगे। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट से जुड़े तीन PSO हटाए जाने के बाद बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी सरकार से सुरक्षा मांगी ही नहीं थी और उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेश के हजारों नौजवान खड़े हैं।
बेनीवाल ने कहा कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा विवाद के दौरान तत्कालीन इंटेलिजेंस अधिकारी संजय अग्रवाल ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई थी। उन्होंने बताया कि उस समय जयपुर से AK-47 से लैस कमांडो दिए गए थे, जबकि नागौर से भी सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे।
बेनीवाल ने कहा कि दो जवान मेरे घर पर रहते थे, दो रेस्ट पर रहते थे और चार हमेशा मेरे साथ रहते थे। उस समय मुझे बताया गया था कि मैंने कई ताकतवर लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, जिनमें बजरी माफिया और पेपर लीक गैंग शामिल हैं। अब सरकार ने सुरक्षा हटाई है तो मैंने तो सुरक्षा मांगी भी नहीं थी।
हजारों युवा हमेशा साथ खड़े है :-
उन्होंने आगे कहा कि भजनलाल सरकार उनकी सुरक्षा क्या करेगी, उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेशभर के हजारों युवा हमेशा साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुझे सुरक्षा क्यों दी गई और अब क्यों हटाई गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ईद के दौरान माहौल खराब करना चाहते थे और सरकार उन्हें किसी विवाद में फंसाना चाहती थी। हालांकि उन्होंने समझदारी से काम लेते हुए किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने नहीं दी। बेनीवाल ने कहा, सरकार चाहती थी कि जयपुर में झगड़ा और तनाव पैदा हो, लेकिन मैंने पहले ही पूरे विवाद को खत्म कर दिया ताकि सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित न हो।
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