फोटो : फाइल फोटो
सीकर , 12 जून 2026
रिपोर्ट : एडिटर
सीकर में बीज विक्रेताओं ने अपनी मांगों को लेकर आक्रोश रैली निकाली और प्रदर्शन किया। सीकर सहित प्रदेशभर के बीज विक्रेता पहले कृषि उपज मंडी में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने एक आमसभा की।
इसके बाद सभी व्यापारी आक्रोश रैली के रूप में रवाना हुए। यह रैली बजरंग कांटा और सिल्वर जुबली रोड होते हुए सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पहुंची।कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जब काफी देर तक कोई प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने बाहर नहीं आया, तो व्यापारियों का गुस्सा भड़क गया। सभी लोग कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और करीब आधे घंटे तक रास्ता जाम रखा।
इसके बाद सीकर के सहायक कलेक्टर सुशील कुमार सैनी खुद ज्ञापन लेने पहुंचे। अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद ही व्यापारियों ने सड़क से जाम हटाया और धरना समाप्त किया।
दरअसल व्यापारी कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की डिकॉय टीम के 2 कर्मचारियों को गिरफ्तार करने, पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और स्थानीय बीज व्यापारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
रेड नहीं मारने के नाम पर घूस :-
सीकर कृषि आदान-प्रदान विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष मनोज बजाज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दिनों 'विकास सीड्स' के मालिक विकास और रामलाल से रेड नहीं डालने के एवज में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की टीम के दो कर्मचारियों रजनीश और संदीप ने 20 लाख रुपए की मोटी रकम मांगी थी।
बजाज ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस अन्याय के खिलाफ व्यापारी 10 जून से ही सीकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे हैं, लेकिन बहरे प्रशासन ने आंखें और कान बंद कर रखे हैं। इसी अनदेखी के खिलाफ आज कृषि उपज मंडी में महापंचायत के बाद कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली गई।
व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि कृषि व्यापारियों पर दर्ज झूठे मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं, पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी जाए और अवैध वसूली करने आए भ्रष्ट कर्मचारियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। बजाज ने दो टूक कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर एक्शन नहीं लिया गया, तो व्यापारी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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