वीडियो न्यूज : निमोद में दूसरे दिन भी बच्चे का सुराग नहीं : नीमकाथाना पुलिस सहित वन विभाग टीम और ग्रामीण पहाड़ी पर कर रहे सर्च, ड्रोन, डॉग स्क्वॉड भी खाली हाथ

फोटो  : फाइल फोटो 

नीमकाथाना, 13  जून 2026
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब 

नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद स्थित पहाड़ी पर बने हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने गया 5 वर्षीय बालक भावेश  का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चल पाया। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं और बच्चे की तलाश लगातार जारी है।

सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा, तहसीलदार देवीलाल चौधरी, रेंजर जोगिंदर सिंह सहित पुलिस, वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण लगातार बच्चे की खोजबीन में जुटे हुए हैं। डॉग स्क्वॉड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे क्षेत्र में तलाश की गई, लेकिन अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग पाया है।

शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि किसी जंगली जानवर द्वारा बच्चे को नुकसान पहुंचाया गया हो सकता है, लेकिन जंगल क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाने के बावजूद ऐसा कोई संकेत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, भावेश अपने परिजनों के साथ हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने आया था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। बच्चे की तलाश में कल से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।

भावेश के पिता हरेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग बच्चे के साथ माता के मंदिर में दर्शन करने गए थे। इसी दौरान भावेश पानी पीने के लिए गया और अचानक गायब हो गया। उन्होंने प्रशासन से बच्चे को सकुशल तलाशने की मांग करते हुए कहा कि घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

बालक ननिहाल आया था :-
उन्होंने बताया कि भावेश पांच दिन पहले ही अपने ननिहाल आया था।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा ने बताया कि सदर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि निमोद स्थित पहाड़ी क्षेत्र के माता मंदिर में परिवार के साथ दर्शन करने आया एक बालक सुबह करीब 10 बजे के बाद परिवार से बिछड़ गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग और ग्रामीणों की मदद से कल भी पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया गया था तथा आज सुबह से फिर तलाश जारी है।

कुशल तलाशने का प्रयास :-
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उस पहलू से भी जांच की गई है, लेकिन अन्य संभावित एंगल पर भी जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच थानों की पुलिस टीमें लगाई गई हैं और बच्चे को जल्द से जल्द सकुशल तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।

मंदिर के महंत राजनाथ ने बताया कि परिवार के लोगों की पूजा-अर्चना करवाने के बाद उन्हें सुबह करीब 9 बजे मंदिर से विदा कर दिया गया था। इसके बाद वे बालाजी मंदिर में दर्शन कर भोजन करने बैठ गए। कुछ समय बाद परिवार के लोग उनके पास आए और बच्चे के बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने बताया कि उन्होंने बच्चे को नहीं देखा था।घटना को लेकर मौके पर लोगों भी रही।

घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद अब ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द बच्चे को बरामद नहीं किया गया तो ग्रामीणों की ओर से आंदोलन किया जाएगा।

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