फोटो : फाइल फोटो
नीमकाथाना, 14 जून 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद स्थित हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने गया 5 वर्षीय बालक का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद से परिजनों सहित पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।
लापता बालक की तलाश के लिए पुलिस, वन विभाग की टीमों तथा ग्रामीणों ने पूरे जंगल क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाया। बच्चे की खोज के लिए डॉग स्क्वायड और ड्रोन कैमरों की भी मदद ली गई, लेकिन अब तक भावेश का कोई सुराग नहीं लग पाया है। लगातार तीसरे दिन भी बच्चे का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से खोज अभियान को और तेज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बच्चे का पता नहीं लगाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से बच्चे की तलाश लगातार जारी होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोग भी विभिन्न टीमों के साथ खोज अभियान में जुटे हुए हैं।
50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली :-
पुलिस पहाड़ी क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन कर रही है इसके साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार अब तक 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
सदर थाना अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस की दो टीमें पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में तलाश कर रही हैं, जबकि अन्य टीमें पहाड़ी पर आने-जाने वाले सभी रास्तों की जांच में जुटी हैं। आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
रविवार को भी पुलिस ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान करीब 200 से अधिक ग्रामीण भी सर्च ऑपरेशन में शामिल रहे, लेकिन अभी तक बच्चे का कोई पता नहीं चल सका।
शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि किसी जंगली जानवर द्वारा बच्चे को नुकसान पहुंचाया गया हो सकता है, लेकिन जंगल क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाने के बावजूद ऐसा कोई संकेत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
सर्च ऑपरेशन जारी :-
बता दे 5 वर्षीय भावेश अपने परिजनों के साथ हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने आया था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। बच्चे की तलाश में शुक्रवार से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।
वन विभाग की टीम भी लगातार पुलिस के साथ अभियान में जुटी हुई है। रेंजर जोगेंद्र सिंह ने बताया कि 25 से अधिक वनकर्मियों ने जंगल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली है। मंदिर क्षेत्र और आसपास किसी भी जंगली जानवर या पैंथर की गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी जंगली जानवर ने हमला किया होता तो उसके पगमार्क या अन्य साक्ष्य अवश्य मिलते, लेकिन अब तक ऐसा कोई संकेत सामने नहीं आया है।
खबरों के लिए सिर्फ हिंदुस्तान डिजिटल न्यूज़, व्हाट्स ऐप्प No. 9358447558
Leave a Comment