फोटो : फाइल फोटो
जयपुर , 23 जून 2026
रिपोर्ट : एडिटर
राज्य सरकार ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
इसके तहत सभी धर्म के नागरिकों को इसके दायरे में लाया जाएगा, वहीं लिव इन रिलेशनशिप के लिए पंजीयन अनिवार्य होगा। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आदिवासियों की परंपराओं व संस्कृति को संरक्षित रखते हुए प्रावधान किए जाएंगे।
विधि मंत्री जोगाराम पटेल व गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सचिवालय में मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून आवश्यक है और संविधान के अनुच्छेद 44 में नीति निर्देशक तत्वों में भी समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी संवैधानिक भावना के अनुरूप विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू की जाएगी।
बहुविवाह पर रोक :-
वर्तमान प्रचलित पर्सनल लॉ, जैसे हिंदू कोड और मुस्लिम पर्सनल लॉ की अलग-अलग व्यवस्थाओं के स्थान पर समान नागरिक कानून लागू होगा। इसके जरिए महिलाओं को समान अधिकार प्रदान कर लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जाएगा। इस कानून में बहुविवाह पर रोक, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीकरण तथा संपत्ति में पुत्र और पुत्री को समान अधिकार जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि भारत में अलग-अलग राज्यों ने इसे लागू किया है। राजस्थान में भी इसे लागू करने की जरूरत महसूस हुई। अभी कई धर्मों में महिला और पुरुषों के बारे में अलग-अलग कानून हैं। इससे महिलाओं के अधिकारों का हनन होता है। उन्होंने कहा- यूसीसी के बाद प्रदेश को नई दशा और दिशा मिलेगी।
खबरों के लिए सिर्फ हिंदुस्तान डिजिटल न्यूज़, व्हाट्स ऐप्प No. 9358447558
Leave a Comment