फोटो : फाइल फोटो
जयपुर, 30 जून 2026
रिपोर्ट : एडिटर
यमुना जल समझौते पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत का बड़ा बयान सामने आया है । गहलोत ने भाजपा नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा, "वो अपने निजी स्वार्थों से राजनीति करने के लिए, मुख्यमंत्री या अमितशाह जी को खुश करने के लिए ऐसे बोलते होंगे।"
गहलोत ने कहा, मैंने नीमकाथाना में स्पष्ट कहा था और अपने उस बयान पर मैं आज भी पूरी तरह कायम हूं, कि जिस दिन यमुना का पानी नीमकाथाना आ जाएगा, मैं खुद मुख्यमंत्री निवास पर जाकर उनका स्वागत और अभिनंदन करूंगा।
गहलोत ने कहा कि अब उस बयान को तोड़-मरोड़ कर इनके वर्तमान या पूर्व मंत्री जो कुछ भी बोल रहे हैं, वे सिर्फ अपनी झेंप मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। एमओयू होना या एमओए होना, इन सब कागजी बातों को आप छोड़िए। मेरा सीधा सा कहना है कि अगर राजस्थान में पानी आता है तो मुझसे ज्यादा पूरे प्रदेश को खुशी होगी।
राजनीतिक अखबारबाजी की जा रही:-
साल 1994 के उस ऐतिहासिक समझौते को अगर ये लोग धरातल पर लागू करवा देते हैं, जो कि इतने सालों में नहीं हो पाया। क्योंकि इस बीच राजस्थान और हरियाणा दोनों जगह बीजेपी की भी सरकारें रहीं और कांग्रेस की भी तो इससे बड़ी खुशी की बात और क्या होगी? यह पूरे प्रदेशवासियों के लिए और विशेष रूप से चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी सौगात होगी।
गहलोत ने कहा, मैंने तो सिर्फ इतनी सी सकारात्मक बात कही थी। अब इस पर जो राजनीतिक अखबारबाजी की जा रही है, मैं उसका जवाब नहीं देना चाहता। क्योंकि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के लिए, केवल मुख्यमंत्री या अमित शाह को खुश करने के लिए ऐसी अनर्गल बयानबाजी करते हैं।
इस मौके पर मैं एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाना चाहता हूं। राजीव-लौंगोवाल समझौते के तहत हमारे हिस्से का जो 0.8 एमसीएम पानी है, उसे हम आज तक नहीं ला पा रहे हैं। क्योंकि पंजाब उस पर कुंडली मारकर बैठा हुआ है। चाहे इस दौरान केंद्र और राज्यों में बीजेपी की सरकार रही हो या कांग्रेस की।
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