फोटो : फाइल फोटो
नई दिल्ली , 23 जुलाई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, INDIA ब्लॉक सांसदों के साथ, NEET पेपर लीक पर अपना विरोध जारी रखते हुए और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार शाम को अपने घर से गांधी स्मृति तक मार्च निकाला।
राहुल गांधी ने कहा कि हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में डेमोक्रेसी की हत्या कर रही है, स्टूडेंट्स पर अत्याचार कर रही है और उन्हें पीट रही है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ हैं, और नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना होगा और माफी मांगनी होगी।
उन्होंने कहा कि छात्र सड़कों पर हैं तो विपक्षी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़क पर होना चाहिए। हम इंडिया गेट जाना चाहते थे। उन्होंने मना कर दिया फिर हमने कहा कि 30 जनवरी जाना चाहते हैं तो इन्होंने यहां पर रोक दिया है। हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं लेकिन मुख्य संदेश छात्रों के लिए है। हम आपके साथ हैं।
10 मिनट बाद रास्ता खोला :-
मार्च के पहले राहुल के घर पर विपक्षी सांसदों ने बैठक की। पुलिस ने मार्च के पहले ही सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी कर रखी थी। जगह-जगह बसें और बैरिकेड लगा रखे थे। जैसे ही मार्च शुरू हुआ, उनका रास्ता रोक दिया गया। हालांकि करीब 10 मिनट बाद रास्ता खोल दिया गया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि महात्मा गांधी ने जो किया, और हमारे किसानों और गरीबों ने जो किया, वह सच में एक अनोखी क्रांति थी। सच में एक अनोखा आंदोलन क्योंकि कभी किसी पर हाथ नहीं उठाया। आज, उसी देश में, आप बच्चों को पीट रहे हैं क्योंकि वे अपने हक मांग रहे हैं। तो, हम सब देख रहे हैं कि कितना कुछ गलत हो रहा है, और हमारे देश के लोकतंत्र, जिसके लिए गांधीजी शहीद हुए, जिसके लिए इतने सारे लोग शहीद हुए। आज, इसी देश में, हम देख रहे हैं कि लोकतंत्र खत्म हो रहा है। जो लोग यूनिफॉर्म पहनते हैं, जो आपके बॉर्डर पर खड़े हैं। किसलिए? ताकि उनके बच्चों को पीटा जा सके। क्यों? क्योंकि उनके एग्जाम पेपर लीक हो रहे हैं। वे इसके लिए अपने हक और इंसाफ मांग रहे हैं।
बता दे कि गांधी स्मृति पहले बिड़ला हाउस के नाम से जाना जाता था। महात्मा गांधी ने अपने जीवन के आखिरी 144 दिन यहीं बिताए थे। 30 जनवरी 1948 को प्रार्थना सभा के लिए जाते समय इसी परिसर में नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मार दी थी। आज भी यहां गांधी जी के अंतिम कदमों के निशान और वह स्थान सुरक्षित है, जहां उन्हें गोली लगी थी।
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