फोटो : फाइल फोटो
जयपुर, 28 जुलाई 2026
रिपोर्ट : एडिटर
राजस्थान एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए RPSC की वर्ष 2022 की ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कर चयनित होने वाली कोमल मीणा को गिरफ्तार किया है । नागौर के खजवाना निवासी कोमल मीणा दो वर्ष से फरार चल रही थी । उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए जोधपुर और नागौर में लगातार ठिकाने बदल रही थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी पोरव कालेर से नौकरी लगने पर 7 लाख रुपए में सौदा हुआ था। पेपर लीक और ब्लूटूथ नकल प्रकरण में अब तक 33 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने के मामले में एसओजी थाना जयपुर में मुकदमा संख्या 66/2024 दर्ज है। इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2022 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के समय वह जोधपुर जिले के नागौर क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के यहां छिपी हुई थी। लंबे समय से फरार रहने की वजह से कोमल मीणा की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
कुल 33 आरोपी गिरफ्तार:-
इस प्रकरण की जांच महानिरीक्षक एसओजी उमेशपाल लांबा, उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया की टीम कर रही है। अब तक इस नकल प्रकरण में कुल 33 आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका हैं।
पूछताछ में सामने आया कि कोमल मीणा वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। 14 मई 2023 को कोमल मीणा ने ईओ/आरओ परीक्षा दी। फिर कोमल मीणा, पोरव कालेर और तुलछाराम कालेर के सम्पर्क में आई। जिसके बाद पोरव कलेर और तुलछाराम कलेर की मदद से नकल कर परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। इसके लिए कोमल और पोरव कालेर के बीच 7 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।
हालांकि गिरफ्तारी से पहले ही आरोपी गिरोह फरार हो गया। एसओजी अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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