पुनिया - राजे विवाद : पिछले चार साल में ना किसी आन्दोलन का हिस्सा , ना जनता का हाल जाना , लेकिन चाहिए कमान , पूर्व सीएम राजे 8 मार्च की जगह 4 मार्च को जन्मदिन मनाकर पार्टी को दे रही चुनौती

जयपुर , 04 मार्च
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब

भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया और पूर्व सीएम राजे के बीच शीत युद्द रुकने का नाम नही ले रहा है । अब नया विवाद राजे के जन्मदिन कार्यक्रम और भाजपा के जनाक्रोश से जुड़ा हुआ है ।

बता दे कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 8 मार्च की जगह 4 मार्च यानी आज चूरू के सालासर में अपना जन्मदिन मना रही है। इस दौरान पूजा-अर्चना के साथ जनसभा और फाग उत्सव का कार्यक्रम भी रखा गया है। जिसमें वसुंधरा समर्थक नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही भाजपा  के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी शामिल होंगे।

दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीएम हाउस घेराव की वजह से पार्टी विधायकों से जयपुर में रहने का आदेश किया है। ऐसे में अब देखना होगा भाजपा के विधायक और नेता जयपुर प्रदर्शन में रहते हैं। या फिर सालासर जाकर वसुंधरा संघ जन्मदिन मनाते हैं।इससे पहले साल 2022 में वसुंधरा राजे ने केशोरायपाटन में जन्मदिन मनाया था। उस वक्त भी सतीश पूनिया के आह्वान के बावजूद 40 से ज्यादा विधायक राजे को बधाई देने केशोरायपाटन पहुंचे थे।

अब सवाल उठता है कि क्या पार्टी से बड़ा राजे का जन्मदिन है या पार्टी .? इसे सीधे तौर पर राजे द्वारा पार्टी को चुनौती माना जा सकता है क्योंकि राजे का जन्मदिन 4 मार्च को नही बल्कि 8 मार्च को है । 4 मार्च को पार्टी द्वारा पहले से सीएम हाउस घेराव प्रस्तावित था , क्या इसे राजे की पार्टी के खिलाफ चुनौती मानी जाये ?

बता दे कि राजे ने इन पिछले चार साल में पार्टी हित के या जन हित के किसी भी मुद्दे पर साथ नही दिया। राजे ने ना ही इन पिछले चार साल में ना ही जनता के मुद्दे उठाये ना ही किसी आन्दोलन का हिस्सा बनी । इसके बावजूद पार्टी से मौल भाव कर रही है  जो जनता के समझ से परे है ।

शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से जयपुर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। जिसको लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पार्टी विधायकों को जयपुर में रहने का आदेश दिया है। वही वसुंधरा गुटके काफी विधायक अभी से ही सालासर पहुंच गए हैं। ऐसे में चुनावी साल में शुरू हुई गुटबाजी को रोकने के लिए अब प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह राजस्थान पहुंच गए हैं। जो जयपुर में युवा मोर्चा के विरोध कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संगठन के पदाधिकारियों के साथ सालासर जाएंगे।  

कहानी का सार ये है कि जो जनता को भूलकर जन्मदिन जैसे कार्यक्रम में शिरकत करेगा , जनता वोट की ताकत से उसे समझा देगी   कोई ये नही कहता कि जन्मदिन मनाओ , जन्मदिन भी 4 मार्च को नही बल्कि 8 मार्च को है   इससे साफ है कि आप जनता कि नही सोचते बल्कि अपनी शर्तो पर पार्टी से मौल भाव कर रहे है

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