वीडियो लाइव : लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश: बिल पर विपक्ष का हंगामा, रिजीजू बोले- संशोधन बिल नहीं लाते तो संसद पर भी दावा कर देते

फोटो  : फाइल फोटो

दिल्ली , 02 अप्रेल 2025        
रिपोर्ट  : एडिटर 

लोकसभा में बुधवार 12 बजे वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रश्नकाल के इसे सदन में चर्चा के लिए पेश किया। इस पर चर्चा की जा रही है

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ विधेयक किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं कर रहा है

उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के प्रावधानों का किसी मस्जिद, मंदिर या धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है... अगर कोई इस बुनियादी अंतर को समझने में विफल रहता है या जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल को संयुक्त संसदीय समिति को दिया गया... हमारे पास कांग्रेस जैसी समिति नहीं है। हमारे पास लोकतांत्रिक समिति है, जो विचार-मंथन करती है। कांग्रेस के जमाने में समिति होती थी जो थप्पा लगाती थी। हमारी समिति चर्चा करती है, चर्चा के आधार पर विचार-विमर्श करती है और बदलाव करती है। अगर बदलाव स्वीकार नहीं करना है, तो समिति का क्या मतलब है?

रिजिजू ने कहा कि वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक है। रेलवे, मिलिट्री की जमीन हैं। ये सब देश की प्रॉपर्टी है। वक्फ की संपत्ति, प्राइवेट प्रॉपर्टी है। दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी हमारे देश में है। 60 साल आप सरकार में रहे, फिर भी मुसलमान इतना गरीब क्यों है? उनके लिए क्यों काम नहीं हुआ? गरीबों का उत्थान, उनकी भलाई के लिए काम क्यों नहीं हुए?

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब मुसलमानों के लिए काम कर रही है तो इसमें क्या आपत्ति है? आप लोग जो इस बिल का विरोध कर रहे हैं, देश सदियों तक याद रखेगा कि किसने बिल का समर्थन किया और किसने विरोध किया। आप लोग मुसलमानों को कितना गुमराह करेंगे?

रिजिजू ने कहा कि दोनों सदनों की संयुक्त समिति में वक्फ संशोधन विधेयक पर जो चर्चा हुई है, वह भारत के संसदीय इतिहास में आज तक कभी नहीं हुई। मैं संयुक्त समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद और बधाई देता हूं...अब तक विभिन्न समुदायों के राज्य धारकों के कुल 284 प्रतिनिधिमंडलों ने समिति के समक्ष अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए हैं। 25 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों ने भी अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की हैं

उन्होंने कहा कि 2013 में, 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कुछ ऐसे कदम उठाए गए थे जो आपके मन में सवाल खड़े करेंगे। 2013 में सिखों, हिंदुओं, पारसियों और अन्य लोग वक्फ बना सकते थे...यह बदलाव कांग्रेस ने 2013 में किया था। कांग्रेस ने बोर्ड को खास बनाया, शिया बोर्ड में सिर्फ़ शिया ही शामिल होंगे... एक धारा जोड़ी गई कि वक्फ का प्रभाव हर दूसरे कानून पर हावी होगा। यह धारा कैसे स्वीकार्य हो सकती है?

लोकसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इस तरह का बिल (वक्फ संशोधन विधेयक) जिसे आप सदन में ला रहे हैं, कम से कम सदस्यों को संशोधन करने का अधिकार तो होना चाहिए...आप कानून को जबरन थोप रहे हैं। आपको संशोधन के लिए समय देना चाहिए। संशोधन के लिए कई प्रावधान हैं

बरों के लिए सिर्फ हिंदुस्तान डिजिटल न्यूज़, व्हाट्स ऐप्प No. 9358147558

Related News

Leave a Comment

Submit