निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का विरोध : नीमकाथाना में सीएम के नाम दिया ज्ञापन, कहा - HAM मॉडल और ग्रिड निजीकरण से सुरक्षा को खतरा

फोटो  : फाइल फोटो

नीमकाथाना , 02 अप्रेल 2025        
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब 

बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को उपखंड स्तर पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान विद्युत संयुक्त कर्मचारी संघ ने नीमकाथाना में तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारी संघ ने बताया कि तीनों डिस्कॉम में पहले से ही अधिकतर काम आउटसोर्स, एफआरटी और ठेके पर हो रहे हैं। अब HAM मॉडल के तहत 33/11 केवी ग्रिड के फीडर का निजीकरण किया जा रहा है जो ग्रिड सेफ्टी कोड का उल्लंघन है। इससे राज्य की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

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संघ ने बताया कि प्रसारण निगम जो कि वर्षो से लाभ कमाने वाला संस्थान है। उसके बावजूद इसके ग्रिड का संचालन क्लस्टर के माध्यम से ठेके पर देकर करवाया जा रहा है। कई कंपनियां पहले ही क्लस्टर छोड़कर जा चुकी हैं एवं मॉडल विफल हो चूका है। फिर भी इनविट के जरिए 765 केवी और 400 केवी ग्रिड सब-स्टेशन की आय को निजी भागीदारों के साथ बांटने की तैयारी है।

उत्पादन निगम के कम लागत वाले तापीय विद्युत गृह राज्य को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। लेकिन इन्हें केंद्रीय सार्वजनिक निगमों के साथ संयुक्त उपक्रम बनाकर हस्तांतरित करने की योजना है।

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कर्मचारी संघ का कहना है कि राज्य सरकार बिना किसी कारण अपना नियंत्रण छोड़कर जनता और कर्मचारियों के हितों के साथ विश्वासघात कर रही है।

संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि विद्युत प्रशासन और सरकार द्वारा हमारे द्वारा दिए गए ज्ञापनो और पत्रों पर शीघ्र संज्ञान लेकर निजीकरण को बंद नही किया गया तो मजबूर होकर आन्दोलन करना पड़ेगा । जिसकी समस्त जिम्मेदारी राजस्थान सरकार और विद्युत प्रशासन की होगी

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