एक साथ 37 कांस्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज : जांच में साइन मिसमैच होने पर फर्जीवाड़े का खुलासा, डमी कैंडिडेट बैठाने का भी आरोप

फोटो  : फाइल फोटो 

जयपुर, 11 जनवरी 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

कांस्टेबल भर्ती में फर्जी दस्तावेज और डमी कैंडिडेट के सहारे नौकरी पाने का मामला सामने आया है। एसओजी की जांच के आधार पर 37 कांस्टेबलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान हस्ताक्षर (साइन) मिसमैच होने पर इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

दरसल एसओजी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर एसपी जालोर द्वारा गठित कमेटी ने वर्ष 2018 और 2021 की भर्ती प्रक्रिया में संदिग्ध उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच की। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर सभी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

जांच के दिए थे निर्देश:-
31 जुलाई 2024 को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी, जयपुर ने पिछले पांच वर्षों में हुई भर्तियों में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत करने और डमी कैंडिडेट को परीक्षा में बैठाकर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के मामलों की जांच के निर्देश दिए थे।

जांच का मुख्य आधार यह था कि परीक्षा देने वाला और नौकरी करने वाला लोकसेवक एक ही व्यक्ति है या नहीं। इस सघन जांच में भर्ती किए गए कर्मचारियों के शैक्षणिक पात्रता दस्तावेज, आवेदन पत्र, फोटो व हस्ताक्षर आदि का मिलान किया गया।

26 पर दर्ज हुई पहली FIR:-
पुलिस निरीक्षक अपराध सहायक, एसपी कार्यालय जालोर उदयपाल की रिपोर्ट पर यह मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018 में फर्जीवाड़े के मामले में कांस्टेबल जैसाराम, दिनेश कुमार, अर्जुन कुमार, घेवरचंद, यशवंतसिंह, दिनेश कुमार, बदाराम, गोपीलाल, हरीश कुमार, नरपतसिंह, दिनेश कुमार, नपाराम, सुरेश कुमार, चतराराम, सुरेश कुमार, भाणाराम, रमेश कुमार, सुशीला कुमारी, शांतिलाल, देवीसिंह, जितेंद्र कुमार, राकेश कुमार, मुकेश कुमार, डूंगरा राम, रेवन्तीरमण और खुशीराम के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इन सभी के दस्तावेजों में भर्ती के समय एवं वर्तमान समय में हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई गई।

खबरों के लिए सिर्फ हिंदुस्तान डिजिटल न्यूज़, व्हाट्स ऐप्प No. 9358447558

Related News

Leave a Comment

Submit