फोटो : फाइल फोटो
झुंझुनू, 15 जनवरी 2026
रिपोर्ट : एडिटर
झुंझुनू में शहीद की वीरांगना जैतून बानो झुंझुनूं शहीद स्मारक के सामने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गई हैं। उनके समर्थन में सर्व समाज के लोग भी धरने पर उतर आए हैं। मामला सूरजगढ़ उपखंड के बानवास गांव का है, जहां जमीन के मालिकाना हक को लेकर शहीद परिवार और प्रशासन आमने-सामने हैं।
यह है पूरा मामला:-
विवाद की जड़ बानवास गांव स्थित वह जमीन है, जहां शहीद परिवार प्रतिमा स्थापित करना चाहता है। परिवार और समर्थकों का दावा है कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी और खातेदारी की है, जिस पर वर्षों से उनका कब्जा चला आ रहा है। हाल ही में प्रशासन द्वारा यहां से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद विवाद और गहरा गया।
परिवार का कहना है कि प्रशासन बिना उचित जांच-पड़ताल के उनकी जमीन को पंचायत भूमि बता रहा है, जबकि उनके पास मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं।
सूरजगढ़ एसडीएम दीपक चंदन ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है। उनके मुताबिक ग्राम पंचायत की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है और सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की गई है।
18 कैवेलरी यूनिट का समर्थन:-
शहीद कैप्टन फैज मोहम्मद 18 कैवेलरी यूनिट के बहादुर अफसर थे। उनके सम्मान में यूनिट के पूर्व रिशालदार कैप्टन एजाज नबी और सूबेदार मोहम्मद रफीक खान विशेष रूप से झुंझुनूं पहुंचे। सूबेदार रफीक खान यूनिट का आधिकारिक पत्र लेकर जिला कलेक्टर से मिले और वीरांगना के पक्ष में दस्तावेज सौंपे। उन्होंने कहा कि कागजात स्पष्ट रूप से परिवार के हक में हैं और प्रशासन को शहीद के सम्मान में कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान:-
वीरांगना जैतून बानो और उनके समर्थकों ने साफ कहा है कि जब तक शहीद कैप्टन फैज मोहम्मद की प्रतिमा स्थापना का रास्ता साफ नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है और माहौल भावुक होता जा रहा है। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे मामला और संवेदनशील होता जा रहा है।
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