वीडियो न्यूज़ : डोटासरा बोले - नाम हटवाने - कटवाने के लिए एक दिन में हजारों फॉर्म जमा : कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप, कहा - भाजपा ने रातों रात हजारों फॉर्म जमा करा दिए, डोटासरा की अफसरों को चेतावनी

फोटो  : फाइल फोटो 

जयपुर, 15 जनवरी 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी पर SIR में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए । डोटासरा ने कहा कि भाजपा सत्ता का खुलेआम दुरुपयोग कर रही है, भाजपा नेताओं के दबाव में अधिकारी BLO से लॉगिन आईडी, पासवर्ड और OTP तक ले रहे हैं।

डोटासरा ने कहा कि ये न सिर्फ़ प्रशासनिक अपराध है, बल्कि मतदाता सूची से छेड़छाड़ का सीधा सबूत है। कांग्रेस के वोट काटने के लिए भाजपा नेताओं से मिले बल्क फॉर्म के बाद हमें पूरी आशंका है कि भाजपा सरकार किसी भी तरीके से SIR प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ाने की साज़िश कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने रातों-रात हजारों फॉर्म जमा करा दिए। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी ने 14 जनवरी को फर्जी हस्ताक्षर करके हर एसडीओ स्तर पर अचानक हजारों फॉर्म नाम जोड़ने और हटाने के लिए जमा करवाए हैं।

उन्होंने कहा कि ये फॉर्म बीजेपी दफ्तर से भरवाए गए हैं। इनमें मोबाइल नंबर भी नहीं हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में एक हजार से लेकर सात हजार तक फॉर्म रातों-रात पहुंचे हैं। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी के दबाव में काम करने वाले अफसर भी सचेत रहें। हम गड़बड़ी करने वालों को छोड़ने वाले नहीं हैं।

फॉर्म पर बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं:-

डोटासरा ने आरोप लगाया कि रातों-रात फर्जी हस्ताक्षरों से नाम हटवाने जोड़ने के फॉर्म एसडीओ दफ्तरों में जमा करवाए हैं। किसी भी फाॅर्म पर बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं हैं। ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन होने के बाद अब दावे-आपत्तियां देने की अंतिम डेट 15 जनवरी है।

नियम यह कहता है कि ड्राफ्ट प्रशासन के बाद बीएलओ, बीएलए एक दिन में 10 फॉर्म प्रतिदिन ही नाम जोड़ने या घटाने के दे सकता है। उसका ब्योरा चुनाव आयोग को पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराना होता है। बीजेपी ने अब एक ही दिन में हजारों फॉर्म किस नियम के तहत जमा करवाए?

विरोध की अपील :-

डोटासरा ने कांग्रेस के सभी BLAs, जनप्रतिनिधियों, जिला अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों से आह्वान करते हुए कहा कि कल अपने-अपने क्षेत्र में SDM कार्यालय पहुंचें। जब तक फर्जी बल्क फॉर्मों की सूची उपलब्ध न कराई जाए, तब तक विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से नियमों के तहत जवाब और लिखित जानकारी लें।

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