फोटो : फाइल फोटो
सीकर, 22 जनवरी 2026
रिपोर्ट : एडिटर
सीकर में पूर्व सरपंच सरदार राव हत्याकांड मामले में एससी-एसटी कोर्ट की न्यायाधीश रेणुकासिंह हुड्डा आरोपियों को सजा सुनाई है। मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया है। 3 दोषियों को उम्रकैद और 6 को 10-10 साल की सजा सुनाई गई।
न्यायालय का फैसला नौ साल बाद आया है। कोर्ट ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और एक अन्य मुजरिम यतेंद्रसिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। एससी-एसटी कोर्ट, सीकर के सहायक निदेशक अभियोजन रामलाल सैनी ने बताया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया था।
पुलिस ने मामले में सुपारी देने वाले हरदेवा राम, गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई, सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल, ओमप्रकाश मूंड, सुनीत, भानू प्रताप, विजयपाल नागवा, शूटर अंकित व संपत नेहरा, शूटर भेजने वाला रविंद्र सिंह के अलावा मुकेश कुमार, कुलदीप उर्फ बोदू, नरेंद्र कुमार और यतेंद्र पाल को गिरफ्तार किया था।
सुभाष बराल अभी फरार:-
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सहयोगी और हत्याकांड की वारदात की प्लानिंग करने तथा शूटरों की रहने, खाने, होटल में ठहरने और पैसों की व्यवस्था करवाने वाला हिस्ट्रीशीटर सुभाष बराल अभी फरार चल रहा है। वह जमानत पर आने के बाद जयपुर के एक व्यवसायी से फिरौती मांगने के बाद विदेश भाग गया था। मुजरिमों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय लाया गया और इसके बाद उन्हें सजा सुनाई गई।
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