फोटो : फाइल फोटो
बहरोड़ , 28 फरवरी 2026
रिपोर्ट : एडिटर
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार बहरोड़ में उनके पैतृक गांव काठूवास में किया गया। मुखाग्नि देने के बाद टीकाराम जूली फूट-फूटकर रोने लगे इसपर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उन्हें सीने से लगाकर ढांढस बंधाया।
अंतिम संस्कार में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री भंवर जितेन्द्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, वन मंत्री संजय शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
जूली फूट-फूटकर रोए:-
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का मां चलती देवी से विशेष लगाव था। वे सदैव उनके स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते थे। आज अंतिम संस्कार के समय टीकाराम जूली मां की ममता की याद में फूट-फूटकर रोने लगे। जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वासुदेव देवनानी, गोविन्द सिंह डोटासरा एवं भंवर जितेन्द्र सिंह एवं संजय शर्मा ने ढ़ाढ़स बंधाया।
पूर्व गहलोत, डोटासरा ने अर्थी को दिया कंधा:-
अंतिम यात्रा के दौरान अशोक गहलोत, जितेंद्र सिंह और गोविंद सिंह डोटासरा ने अर्थी को कंधा देकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले पुष्प चक्र अर्पित किए गए। टीकाराम जूली ने विधि-विधान के साथ अपनी मां को मुखाग्नि दी।
बता दें कि अलवर ग्रामीण से विधायक और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माताजी चलती देवी का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह अपने बेटे के साथ जयपुर में रह रही थीं। शुक्रवार देर शाम बाथरूम में अचानक गिरने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल जयपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राहुल गाँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने फोन कर जताया शोक :-
चलती देवी के निधन की सूचना मिलते ही देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने टीकाराम जूली से फोन पर संपर्क कर गहरी संवेदना व्यक्त की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन कर शोक जताया और परिवार को ढांढस बंधाया। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी फोन पर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने भी फोन कर शोक व्यक्त किया।
गहलोत ने भावुक करने वाली बात कही:-
गहलोत ने चलती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मां की तपस्या से ही जूली आज राजनीति के बड़े शिखर पर हैं।
गहलोत ने कहा कि मां की तपस्या से ही एक छोटे से गांव से जिला परिषद का चुनाव जीतकर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। उनके पिता स्वर्गीय लेखराम ठेकेदार एवं उनकी मां ने संघर्षों की भट्टी में तपकर अपने बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाया।
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