वीडियो न्यूज़ : ठाकुर जी मंदिर में धूमधाम से मनाया होली पर्व : नीमकाथाना में 200 किलो गुलाल व 300 किलो फूल बरसाकर मनाई होली, जमकर धीरके कदम

फोटो  : फाइल फोटो 

नीमकाथाना, 03 मार्च 2026
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब 

नीमकाथाना में पाटन के निकटवर्ती  बक्सीपुरा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महंत श्री श्री 108 श्री बलवीर दास जी महाराज के सानिध्य में होली का त्यौहार हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। 

महाराज ने बताया कि जाटवास और बक्सीपुरा दोनों गांव में एकता,  आस्था, श्रद्धा और भाई-चारे के रूप में गाँव के आराध्य ठाकुर जी मंदिर में समस्त ग्रामवासियों ने एकत्रित होकर एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया और खुशियां बांटी।

दो सौ किलो गुलाल व तीन सौ किलो फूल बरसाकर मनाई होली:-
भक्ति और रंगों का अनूठा संगम जाटों के नेहरा परिवार के कुलदेव बालासिद्ध जी महाराज जाटवास के निकट जोहड़े में स्थित मंदिर में सभी भक्त पहुंचकर रंगों के त्यौहार की शुरुआत की। मंदिर प्रांगण में दोनों गांवो के भक्तों ने धोक लगाकर गुलाल व फूलों की बरसात शुरू की और डीजे की धुन के साथ जगह-जगह फूल बरसाए और फाग धमाल के साथ थिरकते हुए पैरों के साथ बक्सीपुरा गांव में ठाकुर जी मंदिर पहुंचे।

कार्यक्रम की शुरुआत ठाकुरजी की विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके पश्चात मंदिर परिसर "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" और फाग गीतों से गुंजायमान हो उठा। गाँव के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने ऊंच-नीच और आपसी भेदभाव भूलकर एक साथ होली खेली, जो आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।

सामूहिक भोज और सांस्कृतिक आयोजन:-
हर वर्ष की तरह इस परंपरा को निभाते हुए ग्रामीणों ने ठाकुरजी को गुलाल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पारंपरिक चंग की थाप पर लोकगीत गाए गए और ग्रामीणों ने जमकर नृत्य किया।

ग्रामीणों का कहना है कि: "यह परंपरा हमारे गाँव की एकता का प्रतीक है। मंदिर में एक साथ होली खेलने से न केवल आपसी प्रेम बढ़ता है, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी भी अपनी संस्कृति से जुड़ी रहती है।

देर शाम तक चले इस उत्सव में पूरे गाँव में उत्सव का माहौल बना रहा और सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

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