पंचायत-निकाय चुनाव में बच्चों की बाध्यता हटेगी : आज विधानसभा पेश होंगे 2 विधेयक, बिल पास होने पर 31 साल बाद बदलेगा भैरोंसिह सरकार का कानून

फोटो  : फाइल फोटो 

जयपुर, 05 मार्च 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

राजस्थान में पंचायती राज व शहरी निकायों के चुनाव में दो से ज्यादा बच्चे वाले इलेक्शन लड़ सकेंगे। पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर पंचायतीराज संशोधन बिल और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा नगरपालिका संशोधन बिल को सदन में रखेंगे। दोनों बिलों को पारित करवाने की तारीख गुरुवार को विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में तय होगी।

बता दे कि वर्ष 1995 से तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार ने पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव में दो से ज्यादा संतान वालों के उम्मीदवार बनने पर रोक लगा दी थी। दोनों विधेयकों के कानून का रूप लेने के बाद पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों में दो से अधिक संतान वालों के उम्मीदवार बनने का रास्ता खुल जाएगा।

इसी सत्र में पास करवाने की कोशिश :-

अभी विधानसभा में 6 मार्च तक का ही कामकाज तय है। ऐसे में बीएसी विधानसभा का कामकाज आगे बढ़ाती है तो दोनों बिल 9 मार्च को पारित करवाए जा सकते हैं। वहीं, आगे नहीं बढ़ाने पर 6 मार्च को पारित करवाए जाएंगे। 25 फरवरी को ही कैबिनेट की बैठक में दोनों बिलों को मंजूरी दी गई थी।

अभी यह है नियम :-

अभी तक वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्य, प्रधान, जिला प्रमुख, पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, सभापति और मेयर के चुनाव के लिए दो से अधिक संतान नहीं होने की बाध्यता है।

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