फोटो : फाइल फोटो
जयपुर/ नीमकाथाना, 05 मार्च 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना से विधायक सुरेश मोदी ने खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ी दुकानों की चयन प्रक्रिया में देरी और पारदर्शिता के अभाव का मुद्दा सदन में उठाया। विधायक मोदी ने सरकार से सवाल किया कि जब चयन के नियम पहले से निर्धारित हैं तो फिर “मार्गदर्शन” के नाम पर प्रक्रिया को लंबित क्यों रखा जा रहा है।
विधायक मोदी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नीमकाथाना क्षेत्र में 39 रिक्त दुकानों में से केवल 15 दुकानों की चयन प्रक्रिया की गई है। वहीं शहरी क्षेत्र की 10 खाली दुकानों में से मात्र 3 दुकानों का ही आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया को लंबित रखना आम जनता के अधिकारों के साथ अन्याय है और इससे पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं।
विधायक के सवाल पर जवाब देते हुए मंत्री सुरेश रावत ने बताया कि नीमकाथाना विधानसभा क्षेत्र में कुल 39 दुकानों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी, जिनमें 38 पहले से रिक्त थीं और एक नई बनाई गई थी। इनमें 10 सिंगल आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3 को आवंटन कर दिया गया, 2 आवेदन निरस्त कर दिए गए और 4 मामलों में “मार्गदर्शन” मांगा गया है।
मंत्री के जवाब पर विधायक मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार क्या 70 प्रतिशत आबादी को राशन देना चाहती है या नहीं। उन्होंने कहा कि “मार्गदर्शन हेतु बकाया” रखना सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है। जब मंत्री ने लिखित जवाब दोहराया तो मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि आखिर मार्गदर्शन किसका चाहिए, क्या गांधीजी का चाहिए?
विधायक मोदी ने यह भी मांग उठाई कि ऐसी चयन प्रक्रियाओं की सलाहकार समिति में स्थानीय विधायकों को भी शामिल किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता को उसका हक समय पर मिल सके।
बीज विधायन केन्द्र के निर्माण में देरी :-
इसके साथ ही विधायक मोदी ने नीमकाथाना क्षेत्र में प्रस्तावित राजस्थान स्टेट सीड कॉरपोरेशन लिमिटेड के बीज विधायन केन्द्र के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेशन ने 25 फरवरी 2025 को जिला कलेक्टर सीकर को दो हेक्टेयर भूमि आवंटन का निवेदन किया था, जिसके बाद ग्राम जस्सीकाबास (ठीकरिया, नीमकाथाना) में भूमि आवंटित कर दी गई। निगम ने नियमानुसार राशि जमा करवाकर भूमि का कब्जा लेकर सीमांकन भी कर दिया।
विधायक मोदी ने कहा कि इन सभी औपचारिकताओं को पूरा हुए तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक न तो कार्यालय भवन का निर्माण शुरू हुआ और न ही बीज भंडारण, विधायन संयंत्र, गोदाम और स्टाफ क्वार्टर के निर्माण कार्य में कोई प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि इस केन्द्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को प्रमाणित और उन्नत बीज स्थानीय स्तर पर मिल सकते थे, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम होती और कृषि उत्पादकता बढ़ती। लेकिन काम शुरू नहीं होने से किसान इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित हैं।
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