वीडियो न्यूज़ : सीकर सांसद अमराराम का ट्रेड डील पर बड़ा आरोप : नीमकाथाना में आयोजित सभा में अमराराम ने कहा - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद

फोटो  : फाइल फोटो 

नीमकाथाना, 06 मार्च 2026
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब 

सीकर सांसद अमराराम ने कहा कि प्रदेश की भजनलाल सरकार ने सीकर संभाग और नीमकाथाना जिले को हटाने का काम किया है । इसलिए नीमकाथाना के लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि चुनावों में भाजपा की जमानत जब्त होनी चाहिए । अमराराम ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद किया जा रहा है ।

सांसद अमराराम ने सभा को संबोधित करते हुए सीकर-नीमकाथाना जिले में पीने के पानी की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से उनके हिस्से का पूरा बजट आ गया है, लेकिन राज्य सरकार अपना हिस्सा नहीं दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल पर जिले को पानी उपलब्ध कराने के लिए कोई राशि न देने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने अपना हिस्सा नहीं दिया तो जनता संघर्ष करके अपना हक लेगी।

दरसल भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 'आक्रोश रैली' आयोजित करने की घोषणा की है। इस रैली की तैयारी के लिए 24 फरवरी को घड़साना से शुरू हुए 'संघर्ष जत्थे' का नीमकाथाना के रामलीला मैदान में आमसभा के दौरान स्वागत किया गया। इसी सभा में बोलते हुए अमराराम ने हमला बोला है ।

माकपा प्रवक्ता कॉमरेड गोपाल सैनी ने बताया कि यह रैली मनरेगा को खत्म करने, 44 श्रम संहिताओं को रद्द करने, तथा बिजली विधेयक व बीज विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। नीमकाथाना में हुई सभा में जनता ने 24 मार्च को बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने का आश्वासन दिया।

माकपा राज्य सचिव किशन पारीक ने भाजपा सरकार के शासन में दलितों और महिलाओं पर अत्याचारों में वृद्धि तथा कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

माकपा जिला सचिव ओमप्रकाश यादव ने विश्वास दिलाया कि नीमकाथाना के किसान, नौजवान और मजदूर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ इस संघर्ष में पूर्ण सहयोग देंगे। कॉमरेड गोपाल सैनी ने कॉरिडोर हाईवे, टोल, नरेगा, और अवैध खनन जैसे स्थानीय ज्वलंत मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।

सभी वक्ताओं ने 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली आक्रोश रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया, ताकि मजदूर और किसान अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बना सकें।

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