फोटो : फाइल फोटो
नीमकाथाना, 07 मार्च 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना में वन विभाग ने लेपर्ड का रेस्क्यू कर लिया है। शुक्रवार दोपहर महावा गांव की दुर्गा वाली ढाणी में लेपर्ड आ गया था। इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जब लेपर्ड को रेस्क्यू करने की कोशिश की तो वह कंटीली झाड़ियों में छिप गया। शनिवार को जब लेपर्ड को रेस्क्यू करने की कोशिश की तो उसने वन कर्मियों पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज किया गया।
क्षेत्रीय वन अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को सूचना मिली कि नीमकाथाना की दुर्गा वाली ढाणी में एक लेपर्ड दिखाई दिया है। 3 बजे टीम महावा गांव की दुर्गा वाली ढाणी पहुंची। इस दौरान लेपर्ड ढाणी में स्थित एक खेत में छिपा हुआ था। टीम ने जब उसे रेस्क्यू करने की कोशिश की तो कंटीली झाड़ियों में घुस गया।
शुक्रवार को अंधेरा हो जाने की वजह से लेपर्ड का रेस्क्यू नहीं किया जा सका। पूरा रात टीम लेपर्ड के मूवमेंट पर नजर रखती रही।
जोगेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान झाड़ियों से निकलकर फिर खेतों में भाग गया। जहां दहाड़ लगाते हुए इधर से उधर चक्कर लगाता रहा। इसके बाद वापस कंटीली झाड़ियों में घुस गया।
जब टीम ने लेपर्ड को पकड़ने की कोशिश की तो उसने वनकर्मियों पर हमले करने की कोशिश की। इस पर वनकर्मी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। दोपहर 1:30 बजे डॉक्टर अशोक कुमार ने लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज करने में सफलता हासिल की।
हल्की डोज देकर उसे ट्रेंकुलाइज किया गया। इसके बाद पता चला कि यह करीब ढाई साल की मादा लेपर्ड है और इसमें न्यूरोलॉजिकल समस्या के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जिसकी वजह से वह बीमार लग रही है। लेपर्ड को इलाज के लिए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा, जहां उसका इलाज किया जाएगा। ठीक होने के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
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