वीडियो न्यूज़ : मोदी ने विधानसभा में उठाया अवैध वसूली और खनन का मामला : विधायक मोदी ने रैला क्षेत्र में सैटेलाइट से निगरानी की मांग की, कहा - नीमकाथाना में खनिज माफिया हावी

फोटो  : फाइल फोटो 

झुंझुनू, 10 मार्च 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने आज राजस्थान विधानसभा में नीमकाथाना विधानसभा क्षेत्र के अवैध खनन का मुद्दा उठाया। मोदी ने बताया कि नीमकाथाना क्षेत्र के विभिन्न खनिजों का ई.आर.सी.सी. का ठेका मे. जीणमाता एसोसियट्स को 23 दिसम्बर 2025 से 31 मार्च 2027 तक दिया गया है, लेकिन ठेकेदार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक अवैध वसूली की जा रही है।

विधायक मोदी ने कहा कि प्रमुख खनिज चेजा पत्थर पर सरकार की ओर से रॉयल्टी, डी.एम.एफ.टी. व आर.एस. मिलाकर कुल 61.60 रुपये प्रति टन लिया जाना चाहिए, जबकि ठेकेदार द्वारा लगभग डेढ़ गुना यानी 90 रुपये प्रति टन जबरन वसूले जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने जगह-जगह नाके लगाकर बाहुबली लोगों को तैनात कर रखा है, जो वाहनों को रोककर यह राशि वसूलते हैं। वसूली के बदले कोई वैध रसीद नहीं दी जाती, बल्कि केवल देवनारायण मंदिर के नाम से एक गेट पास दिया जाता है, जिस पर रकम, हस्ताक्षर, पता या प्रयोजन का कोई उल्लेख नहीं होता।

संरक्षण का आरोप :-
मोदी ने कहा कि इस संबंध में प्रशासन और खनिज विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन ठेकेदार के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और उसे संरक्षण दिया जा रहा है।

विधायक मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि जहां चेजा पत्थर पर खनिज निर्गमन के समय रॉयल्टी देय है, वहां रॉयल्टी न लेकर तैयार माल रोड़ी पर रॉयल्टी वसूली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार क्षेत्र में एक तरह से समानान्तर व्यवस्था चल रही है, जो अवैध खनन को वैध बनाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि ई.आर.सी.सी. व्यवस्था खनिज उद्योग के लिए नासूर बन गई है और सरकार ने शराब व ड्रग माफिया की तरह एक नया माफिया खड़ा कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के रैला क्षेत्र में अवैध खनन का बोलबाला है और खनिज विभाग ने रॉयल्टी कलेक्शन का ठेका देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।

विधायक मोदी ने सदन में बताया कि उनके क्षेत्र में 01 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 तक अवैध खनन पर 49 करोड़ 79 लाख 88 हजार 713 रुपये की पेनल्टी लगाई गई, जबकि 01 जनवरी 2021 से 31 दिसम्बर 2023 तक 23 करोड़ 62 लाख 14 हजार 369 रुपये की मांग कायम की गई है।

सेटेलाइट से निगरानी की मांग :-
उन्होंने सरकार से मांग की कि रैला क्षेत्र में सेटेलाइट के माध्यम से विशेष निगरानी करवाई जाए और पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्च अधिकारियों की टीम गठित की जाए। साथ ही अब तक हुई गैरकानूनी वसूली और अनियमितताओं के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम जनता को इस लूट से राहत दिलाई जाए।

खबरों के लिए सिर्फ हिंदुस्तान डिजिटल न्यूज़, व्हाट्स ऐप्प No. 9358447558

Related News

Leave a Comment

Submit