प्रसिद्ध मठ के मठाधीश की संदिग्ध मौत : कुंड में महंत की बॉडी तैरती मिली, टांके से पानी निकालते समय भक्तों को पता चला

फोटो  : फाइल फोटो 

बाड़मेर , 12 मार्च 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

बाड़मेर में झाक गांव स्थित ऐतिहासिक मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज (57) का शव गुरुवार सुबह मठ परिसर में ही बने एक पानी के टांके (कुंड) में उतराता हुआ मिला। सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और भक्त पहुंच गए। सुबह 8 बजे पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस को महंत के जूते टांके के बाहर पड़े मिले। मामला नागाणा थाना इलाके के झाक गांव का है। पुलिस के शुरुआती आकलन के अनुसार, यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, घटना का पता गुरुवार तड़के करीब 5 बजे चला। जब मठ में रहने वाले भक्त रोजमर्रा की तरह टांके से पानी निकालने पहुंचे, तो उन्हें अंदर महंत का शव दिखाई दिया।

इस दृश्य को देख भक्त स्तब्ध रह गए और तुरंत गांव वालों को सूचित किया। हैरानी की बात यह है कि महंत के जूते टांके के बाहर व्यवस्थित तरीके से रखे हुए मिले, जो किसी अनहोनी या स्वेच्छा से उठाए गए कदम की ओर इशारा कर रहे हैं।

एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि महंत पारसनाथ महाराज का मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था। प्रारंभिक जांच में सुसाइड का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

तीन दशक से दे रहे सेवाए :-

महंत पारसनाथ महाराज पिछले 3 दशकों से झाक मठ के मठाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्हें क्षेत्र में केवल एक धार्मिक गुरु के रूप में ही नहीं, बल्कि एक समाज सुधारक के रूप में भी जाना जाता था।

मठ में उनके योगदान के कारण आसपास के दर्जनों गांवों में उनके प्रति गहरी श्रद्धा थी। उनके निधन की खबर से झाक और बाटाडू क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

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