जाट समाज में दहेज मुक्त शादी कर पेश की मिसाल : गढ़भोपजी के भंवर पूनिया ने एक रुपये के साथ दहेज मुक्त का शादी का दिया सन्देश, मां बोली - शादी लेन-देन का माध्यम नहीं बनना चाहिए

फोटो  : फाइल फोटो 

श्रीमाधोपुर , 13 मार्च 2026
रिपोर्ट  : महेंद्र सिंह खोखर 

क्षेत्र में गढ़भोपजी के भंवर सिंह पूनिया के वैवाहिक समारोह में सामाजिक सुधार और नवाचारों के साथ दहेज मुक्त शादी का प्रमुख संदेश दिया गया है। गढ़भोपजी के भंवर सिंह पूनिया ने मात्र एक रुपये की दक्षिणा लेकर दहेज-मुक्त विवाह करके समाज को दिया प्रेरणादायक संदेश।

दरसल समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुरीति के खिलाफ एक सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल करते हुए तहसील स्केह्त्र के गढ़ भोपजी गांव में 11 मार्च, 2026 बुधवार को भंवर सिंह पूनिया का विवाह नया बास मंडा की कविता के साथ मात्र एक रुपये की दक्षिणा के साथ दहेज-मुक्त सम्पन्न हुआ।

आदर्शवादी विचारों वाले भंवर सिंह पूनिया शेखावाटी कोचिंग एवं लाइब्रेरी, कालाडेरा के निदेशक हैं। भंवर सिंह की माता सोहनी देवी ने बताया कि विवाह दो परिवारों का पवित्र सम्बन्ध है और इसे लेन-देन का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप एवं कलंक है और इसे समाप्त करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए।

खुशनसीब दुल्हन बनी कविता के पिता मंगलचंद महला निवासी नया बास मंडा ने भी इस दहेज-मुक्त विवाह का समर्थन करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश एवं अनुकरणीय पहल बताया।

क्षेत्र में हो रही सराहना :-

गढ़ भोपजी के पूनिया परिवार की इस प्रेरणादायक पहल की क्षेत्र में मुक्तकंठ से सराहना की जा रही है और लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया है। यों तो शादी समारोह में शामिल हुए सभी लोगों ने इस पहल को सराहा। 

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