नीमकाथाना के क्रेशर मालिकों से फर्जी वसूली का मामला : क्रेशर बंद करवाने की धमकी देकर वसूले रुपए, माइनिंग एसोसिएशन ने चार आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा

फोटो  : फाइल फोटो 

नीमकाथाना, 17 मार्च 2026
रिपोर्ट  : किशोर सिंह लोचिब 

नीमकाथाना के पाटन थाना क्षेत्र में मानवाधिकार आयोग के नाम पर क्रेशर संचालकों को धमकाकर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। माइनिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों की सतर्कता से चार लोग पकडे गए है ।

काशतपुरा निवासी लीलाधर सैनी ने पाटन थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह भागेश्वर (डोकन) के पास स्थित स्टार स्टोन क्रेशर पर मुनीम के पद पर कार्यरत है। 16 मार्च को शाम करीब साढ़े चार बजे एक ऑल्टो कार (आरजे 02 सीए 1911) में सवार चार व्यक्ति क्रेशर पर पहुंचे।

 

जिस कार से पहुंचे उस पर पुलिस और राजस्थान स्टेट ग्रीवेंस ऑफिसर की प्लेट लगी हुई थी। क्रेशर पर पहुंचने के बाद आरोपियों ने खनन से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने का नाटक किया और क्रेशर बंद करवाने की धमकी देते हुए पैसों की मांग करने लगे।

चार हजार रुपये दिए :-

डर के कारण मोलभाव के बाद चार हजार रुपए उन्हें दे दिए गए। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि उक्त लोगों का मानवाधिकार आयोग से कोई संबंध नहीं है और वे फर्जी तरीके से वसूली कर रहे थे।

रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने अपना नाम भैंरूराम गुर्जर, रमेशचंद रैगर, रोहिताश रैगर और तुलसीराम गुर्जर बताया। घटना का वीडियो क्रेशर पर लगे सीसीटीवी में भी रिकॉर्ड हुआ है, जिसे पुलिस को उपलब्ध करवाया गया है।

माइनिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुंदरमल सैनी, महेंद्र गोयल और सचिव शंकर सैनी ने बताया कि आरोपी संगठन के नाम का दुरुपयोग कर क्रेशर संचालकों से अवैध वसूली कर रहे थे और लोगों को डरा-धमका रहे थे। उस समय माइनिंग संगठन के पदाधिकारियों की बैठक चल रही थी, तभी सूचना मिली कि कुछ लोग क्रेशर पर पहुंचकर पैसे मांग रहे हैं।

इस पर तत्परता दिखाते हुए उनसे संपर्क किया गया और बातों में लेकर उनकी गाड़ी को गावड़ी मोड़ स्थित एक पेट्रोल पंप पर रुकवा लिया। इसके बाद पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और चारों को गाड़ी सहित नीमकाथाना के सदर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

सदर थाना अधिकारी राजेश डूडी ने बताया कि चारों आरोपी कोट-पेंट पहनकर गले में आई-कार्ड लगाए हुए थे, जिससे वे खुद को मानवाधिकार संगठन से जुड़ा बताकर लोगों को डराने की कोशिश कर रहे थे। चारों से पूछताछ के बाद उन्हें पाटन थाने में भेजा गया।

पहले हुई वसूली :-

माइनिंग संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ये आरोपी पहले भी कई माइनिंग क्रेशरों पर अवैध वसूली के लिए पहुंच चुके हैं।

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