फोटो : फाइल फोटो
नीमकाथाना, 03 अप्रेल 2026
रिपोर्ट : किशोर सिंह लोचिब
नीमकाथाना में महावा के निकटवर्ती प्राचीन घुघाड़ी धाम पर विशाल हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। सुबह महावा बालाजी मंदिर से जीवंत झांकियां के साथ विशाल कलश यात्रा शुरू होकर प्राकृतिक दृश्य के बीच धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियों पर झूमते भक्त घुघाडी धाम पर स्थित राम झरोखे के सामने बालाजी मंदिर परिसर में कलश यात्रा पहुंची।
बिहारी दास महाराज को घोड़ी पर बैठाकर कर डीजे की धुन के साथ कलश यात्रा के साथ लाया गया। जगह-जगह पुष्प वर्षा व इतर वर्ष भी चलती रही और भक्तों जलपान व पुष्प वर्षा के साथ मंदिर परिसर पहुंचे।
अवध बिहारी दास घुघाडी धाम के द्वारा सभी भक्तों के लिए छाया, पानी और प्रसाद का कार्यक्रम बहुत ही अच्छे ढंग से किया गया है। हनुमान महाराज की आरती करने के बाद पंगत प्रसादी शुरू की गई। जिसमे हजारों भक्त भंडारे में शामिल रहे।
पूरे भारतवर्ष में एकमात्र राम झरोखा दरबार घुघाडी धाम में ही स्थित है। जहां दूधाधारी महाराज की गहन तपस्या के बल पर भगवान राम के साक्षात दर्शन हुए थे। जो पूरे भारतवर्ष में भक्तों के लिए कई पीढियो से लगातार समर्पित भाव के साथ भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है ।
क्यों प्रसिद्ध है घुघाड़ी धाम:-
इस स्थान पर कई संतों की तपस्या हुई है और आज भी इस तपोस्थली पर भक्तों की आस्था बनी हुई है और कई पीढ़ियों से जुड़ी हुई आस्था है। भारतवर्ष में योग निष्ठ एवं तपस्या के बल पर इसी स्थान पर गहन तपस्वी संत राम रतन दास महाराज का जीवनकाल 362 वर्ष रहा है। और इसी स्थान पर दूधाधारी महाराज की तपस्या भी कम नहीं थी। क्योंकि इनकी समस्या के बल पर भक्तों के लिए दूध की नदियां भी बहा करती थी। आज भी इनका समाधि स्थल सोहन शिखर पर्वत पर स्थित है।जो राम झरोखा दरबार के पूर्व दिशा में स्थित है।
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