वीडियो न्यूज़ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विपक्ष पर तीखा हमला : सीएम का आरोप , विपक्ष ने देश की आधी आबादी से हक छीनने का काम किया है, महिलाएं अपमान भूलने वाली नहीं

फोटो  : फाइल फोटो 

जयपुर, 19 अप्रेल 2026
रिपोर्ट  : एडिटर 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संसद में नारी वंदन विधेयक पारित नहीं होने पर रविवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपमान कभी नहीं भूलती। 17 अप्रैल को विपक्ष ने माता-बहनों के अधिकारों को छीना है और इसका जवाब महिलाएं जरूर देंगी।

रविवार को भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने नारी वंदन विधेयक पर सरकार का पक्ष रखा। इस मौके पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी मौजूद रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक पारित नहीं होने पर विपक्ष खुशी जता रहा था, जबकि सरकार महिलाओं के हित में हर संभव कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि विपक्ष ने ओछी राजनीति करते हुए महिलाओं के सपनों पर पानी फेर दिया। जिन दलों ने इस विधेयक का समर्थन नहीं किया, वे परिवारवाद की राजनीति करने वाले दल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों के नेताओं को डर था कि महिलाएं आगे बढ़कर उनकी राजनीतिक जमीन को कमजोर कर सकती हैं।

विपक्ष का जश्न शर्मनाक :-

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विधेयक पारित नहीं होने के बाद जिस तरह जश्न मनाया गया, वह बेहद शर्मनाक था। विपक्ष हमेशा महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखता रहा है। महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करने वाले यही दल जरूरत के समय बाधा बन गए।

सीएम ने कहा कि विपक्ष के नकारात्मक रवैये की वजह से यह पास नहीं हो पाया। इस बारे में संसद में जो हुआ, उससे देश के लोकतंत्र और असल में देश की आधी आबादी के सपनों को गहरी चोट पहुंचाने का काम किया है। 17 अप्रैल भारत के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय हो सकता था, लेकिन विपक्ष ने अपनी स्वार्थ की राजनीति से इसे एक काला पृष्ठ बना दिया

महिलाएं देंगी जवाब :-

मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि विपक्ष कान खोलकर सुन ले, महिलाएं इस अपमान को भूलने वाली नहीं हैं और समय आने पर इसका जवाब जरूर देंगी।

सावित्री ठाकुर ने ये कहा :-

इस दौरान सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में स्पष्ट किया था कि इस विधेयक से किसी को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना के बिना आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता, इसी कारण यह विधेयक लाया गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में वोट खिसकने के डर से विपक्ष ने पहले इसका समर्थन किया था।

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